मध्य प्रदेश के बैतूल जिले स्थित बोरदेही थाना क्षेत्र से बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। लगभग 1.14 करोड़ रुपये के इस फर्जीवाड़े में बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और उनके सहयोगी गौरव सूर्यवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। बैतूल पुलिस ने आरोपियों के पास से सोना-चांदी, 6 मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार सहित कुल 22.33 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की हैं।
🕵️♂️ मोबाइल नंबर बदलकर और फर्जी मृत दिखाकर उड़ाई रकम: 6 खाताधारकों से ठगी का खुलासा, नागपुर से जुड़े तार
पुलिस जांच में सामने आया कि जनवरी 2026 से ही बैंक शाखा में फर्जीवाड़ा चल रहा था। सहायक प्रबंधक की आईडी का दुरुपयोग कर खाताधारकों के नेट बैंकिंग से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर करीब 10 बार बदले गए। शातिर आरोपियों ने कुछ खाताधारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवा लिए और उनके आधार पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर रकम अपने रिश्तेदारों व अन्य फर्जी खातों में ट्रांसफर कर ली। इस ठगी का शिकार हुए प्रमुख खाताधारकों में भोजराज सोनी (₹5.50 लाख), ज्योति रघुवंशी (₹4.86 लाख), फूलवंती (₹2.74 लाख), इंद्रेश रघुवंशी (₹1.85 लाख), रागिनी साहू (₹1.55 लाख) और विवेक सोनी शामिल हैं।
🚗 22.33 लाख की संपत्तियां जब्त: पुलिस ने जनता से की सतर्क रहने की अपील, 1930 पर करें शिकायत
बैतूल एसपी वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भैयालाल उईके और साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लुकेश गोखे (मूल निवासी मोवाड, नागपुर) और गौरव सूर्यवंशी को दबोच लिया। पुलिस ने 12 लाख की कार, 8.28 लाख का सोना, 1.40 लाख की चांदी और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक स्टेटमेंट पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत बैंक, स्थानीय पुलिस या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।