भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना की सेवानिवृत्ति की तारीख को लेकर पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के बीच नियमों की व्याख्या का पेंच फंस गया है। यह मामला महज दो दिन के अंतर का है, लेकिन इसका सीधा असर प्रदेश के अगले पुलिस प्रमुख की नियुक्ति की दौड़ पर पड़ सकता है। इसी बीच, डीजी जेल डॉ. वरुण कपूर द्वारा इस मामले में आपत्ति जताए जाने की चर्चा ने पूरे घटनाक्रम को बेहद संवेदनशील और अहम बना दिया है।
🔍 सेवानिवृत्ति की तारीख पर असमंजस: दावेदारों की रेस में वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और ऋचा श्रीवास्तव के नाम शामिल
कैलाश मकवाना की निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख 30 नवंबर 2026 है, लेकिन पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने पदभार ग्रहण करने की तिथि के आधार पर इसे 2 दिसंबर करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है। इस बीच, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. वरुण कपूर ने मुख्य सचिव और गृह विभाग के एसीएस से मिलकर नियमों को लेकर अपनी बात रखी है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते डीजीपी पद की दौड़ में शामिल उपेंद्र जैन, ऋचा श्रीवास्तव और वरुण कपूर की दावेदारी को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। यदि नियमों में बदलाव होता है या नहीं, यह सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही साफ होगा, जिस पर पूरे पुलिस महकमे की निगाहें टिकी हैं।