Graffiti Controversy: सावरकर के चित्र पर विवादित लेखन और नक्सली नारों पर बवाल, ABVP ने उठाई कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर की दीवारों पर ‘फ्री उमर खालिद’ और ‘लॉन्ग लिव नक्सल’ जैसे विवादित नारे लिखे जाने के बाद विश्वविद्यालय का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। इन घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने वामपंथी छात्र संगठनों और जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। एबीवीपी का सीधा आरोप है कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मंचों से दिए गए बयानों से प्रेरणा लेकर ही उनके कार्यकर्ताओं ने जेएनयू की दीवारों पर इस तरह के उकसावे वाले नारे लिखे हैं।
📜 राष्ट्रीय नायकों के अपमान और वास्तविक मुद्दों से भटकाने का आरोप: ABVP ने प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
एबीवीपी जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल और मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि वामपंथी संगठन छात्रों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को उठाने के बजाय उग्रवादी नारों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के चित्रों पर आपत्तिजनक लेखन किया गया है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि राष्ट्रीय नायकों का अपमान है। एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद के समर्थन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।