IAS Murder Case: 30 सितंबर की रात हुई वारदात का पर्दाफाश, हमीदिया अस्पताल में चल रहा घायल आरोपी का इलाज
भोपाल के नीलबड़ (रातीबड़) इलाके में करीब एक महीने पहले हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (72) हत्याकांड में भोपाल पुलिस को एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार को उत्तर प्रदेश के आगरा से दबोच लिया है। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद आगरा से भोपाल लाते वक्त आरोपी ने पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई (शार्ट एनकाउंटर) में उसके पैर में गोली लग गई।
🚓 मुगलिया छाप के पास पुलिस को चकमा देने की कोशिश; हमीदिया अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटनाक्रम और एनकाउंटर का ब्यौरा:
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पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास: पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी वरुण कुमार को आगरा से पकड़कर भोपाल लाया जा रहा था। इसी दौरान ग्राम मुगलिया छाप के पास आरोपी ने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया।
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हाथापाई और गोलीबारी: पुलिस टीम और आरोपी के बीच हाथापाई व झूमाझटकी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने और उसे भागने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लग गई।
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अस्पताल में इलाज जारी: एनकाउंटर में घायल होने के बाद आरोपी को तुरंत भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
🩸 30 सितंबर को सामने आया था सनसनीखेज मामला; खून से लथपथ मिला था शव
हत्याकांड की पृष्ठभूमि और वारदात:
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सूरज नगर में मिला था शव: 30 सितंबर की सुबह भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र स्थित सूरज नगर निवास पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का खून से लथपथ शव मिला था। उनके शरीर पर धारदार हथियारों के कई गंभीर चोट के निशान थे।
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चोरी और लूटपाट: घटना के बाद घर के अंदर अलमारियों के ताले टूटे हुए पाए गए थे और घर से भारी मात्रा में नकदी, कीमती सोने-चांदी के जेवरात व मोबाइल फोन गायब थे।
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केयरटेकर पर शक: शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घर पर काम करने वाले केयरटेकर वरुण कुमार पर शक की सुई घूमी, जो घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमों और बाद में गठित SIT (एसआईटी) की मशक्कत के बाद आखिरकार उसे पकड़ा जा सका।
💣 गला रेतकर की थी हत्या, फिर सिलेंडर और प्रेस चालू कर घर को धमाके से उड़ाने की रची थी साजिश
आरोपी का कबूलनामा और साजिश का तरीका:
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निर्मम हत्या और लूट: 29-30 सितंबर की रात आरोपी ने ब्लेड और धारदार हथियार से रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की गला रेतकर हत्या कर दी थी और फिर घर से कीमती सामान चुरा लिया था।
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हादसा दर्शाने का षड्यंत्र: वारदात को दुर्घटना का रूप देने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपी ने रसोईघर में गैस चूल्हे के रेगुलेटर को चालू कर दिया और उसके ऊपर चालू स्थिति में इलेक्ट्रिक प्रेस रख दी थी, ताकि गैस रिसाव से घर में धमाका हो जाए।
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आगरा की ओर पलायन: आरोपी के पास मोबाइल फोन नहीं था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही थी। हत्या के बाद वह ट्रेन से आगरा भाग गया था और मृतक का मोबाइल अपने दोस्त को दे दिया था। भोपाल पुलिस लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर पीछे लगी हुई थी, जिसके बाद यह सफलता मिली।