MP News: एमपी के 18 जिलों में पराली जलाने की घटनाएं तेज; किसानों को समझाइश के साथ प्रशासन कर रहा है सख्त कार्रवाई

धान की कटाई के साथ ही मध्य प्रदेश सहित देश के तमाम बड़े कृषि प्रधान राज्यों में पराली (Stubble Burning) जलाने के मामलों में भारी उछाल आया है। मध्य प्रदेश में पिछले 45 दिनों के भीतर पराली जलाने के कुल 538 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 10 फीसदी ज्यादा हैं।

पराली जलाने के मामलों में वर्तमान में मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के बाद देश का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है जहाँ इसके सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को लगातार समझाइश देने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रहे हैं।

🌾 प्रदेश के 18 जिले कर रहे हैं चिंता पैदा, श्योपुर में सबसे ज्यादा मामले

पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला स्तर पर किसानों को पर्यावरण और खेत की उर्वरा शक्ति को होने वाले नुकसान के प्रति लगातार चेताया जा रहा है। इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है:

  • इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट: ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में सबसे ज्यादा 53 मामले सामने आए हैं।

  • प्रभावित जिले: श्योपुर के अलावा अशोकनगर, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, सीहोर, सिवनी, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा जिलों में पराली जलाने की घटनाएं लगातार रिकॉर्ड की जा रही हैं।

  • तुलनात्मक आंकड़े: पिछले 45 दिनों में 538 मामले सामने आए हैं, जबकि वर्ष 2025 में इसी समय 483 मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, साल 2023 (2995 मामले) और 2024 (1780 मामले) की तुलना में ये आंकड़े अभी कम जरूर हैं, लेकिन इनमें हो रही लगातार वृद्धि चिंता का विषय है।

💨 देश भर में पंजाब से उठ रहा सबसे ज्यादा धुंआ, जानिए अन्य राज्यों का हाल

15 सितंबर से लेकर अब तक पूरे देश में पराली जलाने के कुल 3071 मामले सामने आ चुके हैं। देश में सबसे ज्यादा धुंआ पंजाब से उठ रहा है:

  • पंजाब: 15 सितंबर से 30 अक्टूबर के दौरान पंजाब में पराली जलाने के 1339 मामले सामने आ चुके हैं, अकेले 31 अक्टूबर को ही वहाँ 292 मामले दर्ज किए गए।

  • राजस्थान: पंजाब के बाद राजस्थान के आंकड़े सबसे ज्यादा हैं, जहाँ अभी तक 638 मामले सामने आए हैं।

  • अन्य राज्य: इसके बाद मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। वहीं, हरियाणा में 35, उत्तर प्रदेश में 345 और उत्तराखंड में 174 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

दिन-प्रतिदिन हर राज्य में यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हालांकि किसानों को प्रशासनिक स्तर पर लगातार जागरूक औरL समझाइश दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मामलों में कमी आने के बजाय लगातार बढ़ोतरी होना पर्यावरण और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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