NGT Update 2026: मध्य प्रदेश स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी मामला; एनजीटी ने प्रशासनिक रिपोर्ट में देरी पर जताई नाराजगी
भोपाल । राजधानी भोपाल के चर्चित शाहपुरा तालाब के स्टॉप डैम को तोड़कर पानी बहाए जाने के गंभीर मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में शुक्रवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की खंडपीठ ने इस प्रकरण से जुड़े सभी पक्षों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत प्रदान की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 27 नवंबर को निर्धारित की गई है।
📋 स्वतः संज्ञान और याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना की याचिका पर हुई संयुक्त सुनवाई
यह सुनवाई एनजीटी द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) और याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना द्वारा मध्य प्रदेश स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के खिलाफ दायर की गई याचिका पर एक साथ संयुक्त रूप से हुई:
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रिपोर्ट दाखिल करने में देरी: सुनवाई के दौरान आवेदक पक्ष के अधिवक्ता ने प्रशासनिक स्तर पर समय पर रिपोर्ट दाखिल न किए जाने और इसमें हो रही अनावश्यक देरी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
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अदालत के निर्देश: अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे तय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के रखरखाव से जुड़े इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके।