UP News: आजमगढ़ में निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर की छत गिरी, जानिए हादसे की पूरी वजह और पुलिस की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ एक निर्माणाधीन मंदिर के गुंबद की छत ढहाने से बड़ा हादसा हो गया। गुंबद का हिस्सा भरभराकर गिरने से वहां काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दो अन्य घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी है।
यह पूरा हादसा आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आजमगढ़-फैजाबाद मार्ग पर स्थित देवखरी गांव का है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि गाँव में खाटू श्याम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार को मंदिर की पहली मंजिल पर स्थित गुंबद की छत की ढलाई का काम किया जा रहा था, तभी अचानक शटरिंग ढह गई और यह बड़ा हादसा हो गया।
⚰️ मलबे में दबकर राजाराम की मौके पर मौत; दो अन्य मजदूर अस्पताल में भर्ती
हादसे के शिकार मजदूरों की स्थिति और रेस्क्यू:
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रेस्क्यू ऑपरेशन: हादसे की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस और स्थानीय रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुँची। मलबे के नीचे दबे तीनों मजदूरों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुँचाया गया।
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मृतक की पहचान: अस्पताल में डॉक्टरों ने 30 वर्षीय मजदूर राजाराम राजभर को मृत घोषित कर दिया।
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घायलों का इलाज: वहीं हादसे में घायल दो अन्य मजदूरों—कमलेश कुमार (23 वर्ष) और अरुण चौहान (35 वर्ष) को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इनमें से कमलेश की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
🔍 शटरिंग बांधने में गड़बड़ी की आशंका; पुलिस ने शुरू की जांच
प्रशासनिक कार्रवाई और प्राथमिक जांच के बिंदु:
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शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने मृत मजदूर राजाराम के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पूछताछ व जांच: घटनास्थल पर मौजूद अन्य प्रत्यक्षदर्शियों, ठेकेदार और साथी मजदूरों से पुलिस पूछताछ कर रही है, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
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शटरिंग में लापरवाही: पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच से प्रतीत होता है कि शटरिंग बांधने में की गई किसी तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही की वजह से भार न सह पाने के कारण यह हादसा हुआ होगा। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।