रीवा: जिले के गुढ़ क्षेत्र में शनिवार को आयोजित ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास’ कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प और कड़ा प्रशासनिक नजारा देखने को मिला। रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी जिस बस में सवार होकर मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे, औचक निरीक्षण के बाद उन्होंने उसी बस को सीज करवा दिया। ‘तिवारी बस सर्विस’ की इस लग्जरी बस में न तो कोई वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था, और न ही गाड़ी का परमिट तथा बीमा के कागजात दुरुस्त पाए गए। इतना ही नहीं, मौके पर बस की भौतिक स्थिति भी अत्यंत जर्जर और खराब मिली।
🔍 जांच के दौरान बस में मिली गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि
जैसे ही मुख्य कार्यक्रम समाप्त हुआ, कलेक्टर ने बिना किसी विलंब के परिवहन विभाग (RTO) के अधिकारियों और संबंधित एसडीएम को मौके पर तलब किया और बस की गहराई से कागजी व तकनीकी जांच करवाई। जांच के दौरान जैसे ही दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों में भारी अनियमितता की पुष्टि हुई, कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को जब्त करवाकर सीधे थाने में खड़ा करवा दिया। साथ ही, आरटीओ अधिकारियों को इस गाड़ी का फिटनेस तत्काल प्रभाव से रद्द करने के कड़े निर्देश जारी किए।
⚡ कलेक्टर सूर्यवंशी की दो टूक चेतावनी: “नियम सभी के लिए समान हैं, लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कड़ा संदेश देते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यातायात के नियम समाज के हर वर्ग और वाहन चालक के लिए बिल्कुल समान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी बड़े सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रम में ही बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों के बसें बेधड़क दौड़ेंगी, तो आम जनता की सड़क सुरक्षा को कैसे सुरक्षित किया जा सकेगा? कलेक्टर ने जिले के तमाम निजी बस संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे बिना परमिट, फिटनेस और वैध बीमा के सड़कों पर एक भी बस न चलाएं, अन्यथा भविष्य में इससे भी ज्यादा कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।