सागर। बहुचर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…” गीत से देशभर में चर्चा में आए दृष्टिबाधित बुंदेली लोक गायक सुनील लोधी के ठेठ ग्रामीण सुरों ने कला जगत में एक नई पहचान स्थापित कर दी है। अब उनकी इसी अद्भुत लोक पहचान ने उनकी आंखों में रोशनी लौटने की एक नई उम्मीद भी जगा दी है। बहुचर्चित हिंदी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर उनके बेहतर इलाज के लिए खुद आगे आई हैं और मुंबई में उनके उपचार की व्यवस्था की है।
🏛️ सीएम डॉ. मोहन यादव भी दे चुके हैं हरसंभव मदद का पूरा भरोसा
इससे पहले मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी लोक गायक सुनील लोधी को उनके इलाज में शासन की ओर से पूरी मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दे चुके हैं। मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी सुनील के परिजनों और प्रतिनिधियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर ने उनके इलाज के लिए मुंबई के एक प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) से उनका अपॉइंटमेंट बुक कराया है।
👁️ मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे सुनील लोधी की आंखों का विस्तृत परीक्षण
मुंबई पहुंचने के बाद वहां के विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील लोधी की आंखों की गहन जांच करेंगे। सामने आई जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी दृष्टि (आंखों) में सुधार की कितनी संभावना है और उनके लिए कौन-कौन से आधुनिक उपचार विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
🎤 बचपन से दृष्टिबाधित होने के बावजूद बुंदेली गायकी को बनाई अपनी पहचान
बचपन से ही दृष्टिबाधित रहने के बावजूद सुनील लोधी ने अपनी इस शारीरिक कमजोरी को अपनी गायकी और कला के रास्ते में कभी भी बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बुंदेली लोक गायकी को अपनी मुख्य पहचान बनाया। नीम करोली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उनकी सुरीली आवाज में गाया गया यह भजन आज घर-घर में बेहद लोकप्रिय हो रहा है। उनकी गायन की ठेठ और पारंपरिक बुंदेली शैली ने ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।