Petal Gahlot UN Speech: UNGA में पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश, भारतीय राजनयिक ने आतंकवाद और ‘फॉर्म 47 सरकार’ पर घेरा
यूएन महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा कश्मीर राग अलापे जाने और आधारहीन बातें किए जाने पर भारत ने बेहद कड़ा और तीखा पलटवार किया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने ‘राइट टू रिप्लाई’ (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद को खुलेआम बढ़ावा देने और अपने दोहरे चरित्र को छिपाने का करारा आरोप लगाया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार झूठ दोहराए जाने से वह कभी सच में नहीं बदल सकता. इस दौरान उन्होंने 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का ऐतिहासिक सच याद दिलाते हुए पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब किया.
🥷 2. ओसामा बिन लादेन का जिक्र कर पाकिस्तान को घेरा, कहा—’सेना की अकादमी के पास पनाह पाने वाले हमें न सिखाएं नैतिकता’
अपने आक्रामक संबोधन में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के काले इतिहास और आतंकवाद के रिकॉर्ड की पोल खोलते हुए कहा कि अमेरिका में हुए भयानक 9/11 आतंकवादी हमलों की 25वीं बरसी से ठीक दो हफ्ते पहले हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन हमलों का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी (एबटाबाद) के ठीक सामने सुरक्षित रह रहा था. उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिसे वहां के लोग खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ पुकारते हैं, उससे ऐसी ही बचकानी और पाखंडी उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में अपनी ही जनता के खिलाफ सुरक्षा घेरा बनाने वाली और सेना द्वारा संचालित व्यवस्था कभी लोकतांत्रिक मूल्यों की बात नहीं कर सकती.
⚠️ 3. भारत की दो टूक—’सीमा पार आतंकवाद जारी रहा तो भुगतने होंगे गंभीर नतीजे, पीओके पर देना होगा जवाब’
पेटल गहलोत ने भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि यह हमेशा से देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को कश्मीर पर इतनी ही चर्चा करनी है, तो उसे अवैध रूप से कब्जाए गए ‘पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर’ (PoK) के रावलकोट और अन्य इलाकों की जनता पर ढहाए जा रहे जुल्मों, क्रूर हिंसा और मानवाधिकार हनन का जवाब देना चाहिए. भारतीय राजनयिक ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि इस पूरे विवाद की असल जड़ पाकिस्तान द्वारा लगातार प्रायोजित किया जाने वाला सीमा-पार आतंकवाद है. भारत अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आतंकवाद के गंभीर नतीजे भुगतने ही होंगे.