Indore News: संयुक्त संचालक डॉ. मनीष इंगोले ने बताए साइलेज के फायदे, दो साल तक सुरक्षित रहता है चारा
इंदौर: जलवायु परिवर्तन और ‘अलनीनो’ (El Nino) के संभावित दुष्प्रभावों से न केवल मानव जीवन बल्कि भविष्य में पशुओं के जीवन और उनकी आजीविका पर भी गंभीर संकट गहरा सकता है। इस संभावित प्राकृतिक चुनौती से निपटने और पशुओं के लिए चारे की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों और पशुपालकों को ‘चारा बैंक’ तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अलनीनो एक ऐसी जलवायु घटना है जिसके प्रभाव से मानसून की स्थिति बिगड़ सकती है और सूखे तथा अत्यधिक गर्मी के हालात बन सकते हैं, जिससे पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता कम होने की आशंका है।
🥛 डॉ. मनीष इंगोले की सलाह: साइलेज निर्माण से सुरक्षित रहेगा दुग्ध उत्पादन और पशुओं की सेहत
पशुपालन विभाग की तैयारी और निर्देश:
-
अधिकारियों का बयान: संयुक्त पशुपालन संचालक एवं डेयरी इंदौर संभाग डॉ. मनीष इंगोले ने जानकारी दी कि संभाग के पशुपालकों को हरे चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘साइलेज’ (Silage) तैयार कर उसका सुरक्षित भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
-
आर्थिक सुरक्षा: दुधारू पशुओं से मिलने वाले दुग्ध उत्पादन और पशुपालन से जुड़ी आर्थिक स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए कृषि और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
🧪 जानिए क्या है ‘साइलेज’ और इसे बनाने की वैज्ञानिक विधि?
साइलेज की परिभाषा और प्रक्रिया:
-
साइलेज क्या है: साइलेज हरे चारे को वायु रहित (Anaerobic) अवस्था में किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया द्वारा लंबे समय तक संरक्षित करने की एक वैज्ञानिक विधि है।
-
फसलों का चयन: अच्छी गुणवत्ता का साइलेज तैयार करने के लिए मक्का, ज्वार, बाजरा, जई (Oat) और अन्य उपयुक्त चारा फसलों का चयन किया जाता है।
-
तैयार करने की प्रक्रिया: फसल को उचित अवस्था में काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बदला जाता है। इसके बाद इसे साइलेज बंकर, गड्ढे या विशेष प्लास्टिक बैग में परत-दर-परत अच्छी तरह दबाया जाता है, ताकि अंदर की हवा पूरी तरह निकल जाए।
⏱️ साइलेज उपयोग करने का सही तरीका और भंडारण अवधि
भंडारण और उपयोग के नियम:
-
जैविक कल्चर का प्रयोग: आवश्यकतानुसार इसमें गुड़, नमक और उपयुक्त जैविक कल्चर मिलाकर इसे पॉलीथिन से पूरी तरह वायुरहित तरीके से सील कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में चारे के लाभकारी जीवाणु किण्वन करते हैं जिससे चारा सुरक्षित रहता है।
-
भंडारण का समय: साइलेज को पशुओं को खिलाने से पहले कम से कम 45 दिनों तक वायुरहित अवस्था में रखना अनिवार्य है। सही तरीके से बनाए गए साइलेज को लगभग दो साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
🛠️ साइलेज निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण और क्षमता के विकल्प
उपकरण और क्षमता की जानकारी:
-
जरूरी मशीनें: इसके निर्माण के लिए साइलेज बंकर, एचडीपीई साइलेज बैग, प्लास्टिक शीट, ट्रैक्टर, ट्रॉली, चारा कटाई मशीन, पावर कुट्टी मशीन और चारा हार्वेस्टर जैसे उपकरणों की जरूरत होती है। बड़े स्तर पर कटाई और पैकिंग मशीनों का उपयोग किया जाता है।
-
क्षमता के विकल्प: छोटे पशुपालक 50 से 1000 किलोग्राम क्षमता वाले साइलेज बैग का उपयोग कर सकते हैं, जबकि बड़े पैमाने पर 3 से 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले साइलेज बंकर स्थापित किए जा सकते हैं।
-
सरकारी सहायता: संयुक्त संचालक डॉ. इंगोले ने बताया कि साइलेज निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) योजना के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता (सब्सिडी) का भी प्रावधान किया गया है।