Indore News: ठेकेदारों के पूर्व कर्मचारियों ने खड़ा किया करोड़ों का तस्करी नेटवर्क, देखिए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के इंदौर और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में शराब के ठेकों की अत्यधिक महंगी बोली और आबकारी ड्यूटी बचाने के लिए शराब कारोबारियों का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है। इस सिंडिकेट के माध्यम से इंदौर हाईवे से रोजाना 10 से अधिक शराब से भरे ट्रक बेधड़क गुजर रहे हैं। शराब की यह बड़ी खेप आलीराजपुर और झाबुआ के सीमावर्ती रास्तों से होते हुए पड़ोसी राज्य गुजरात तक पहुंचाई जा रही है। इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क में कई बड़े शराब ठेकेदारों के साथ-साथ कुछ प्रभावशाली नेताओं का सीधा गठजोड़ है, जो सीमा पार शराब सुरक्षित भिजवाने का बाकायदा ठेका लेते हैं।

📦 फर्जी बिल्टी, किराना सामान की आड़ और वर्चुअल कॉल: चौंकाने वाला है तस्करी का हाईटेक तरीका

तस्करी का नेटवर्क और काम करने का तरीका:

  • किराना और परचून सामान की आड़: शराब की खेप को छिपाने के लिए ट्रकों में आगे या ऊपर परचून और अन्य वैध व्यापारिक सामान लोड किया जाता है।

  • फर्जी सिम और बिल्टी: चालकों को फर्जी नाम-पते पर जारी किए गए सिम कार्ड दिए जाते हैं। चालक को मुख्य सरगना से सीधे बात करने की सख्त मनाही होती है और केवल इंटरनेट/वर्चुअल कॉल (Virtual Calling) के जरिए ही निर्देश दिए जाते हैं।

  • चालकों की अदला-बदली: ट्रक जब तय सीमा पर पहुंचता है, तो वहां पहले से मौजूद दूसरा चालक गाड़ी की कमान संभाल लेता है। दोनों चालकों को आपस में एक-दूसरे का नाम या मोबाइल नंबर तक जानने की अनुमति नहीं होती।

🚔 ट्रक के आगे पेट्रोलिंग करती हैं तस्करों की गाड़ियां; पुलिस की लोकेशन देखकर दिया जाता है सिग्नल

सड़क पर सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह:

  • एडवांस पेट्रोलिंग: इस सिंडिकेट की सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली बात यह है कि शराब से भरे ट्रक के आगे ठेकेदार और तस्करों के गुर्गे लग्जरी गाड़ियों से बाकायदा एस्कॉर्ट (Patrolling) करते हुए चलते हैं।

  • क्लीयरेंस सिग्नल: आगे चल रही पेट्रोलिंग गाड़ियां हाईवे पर पुलिस चेकिंग, आबकारी टीम या किसी अन्य खतरे की लोकेशन ट्रैक करती हैं और पीछे आ रहे ट्रक चालक को आगे बढ़ने या गाड़ी रोकने का सिग्नल देती हैं।

💰 महंगे ठेके, कम बिक्री और करोड़ों का मुनाफा: जानिए कैसे खड़ा हुआ तस्करी का काला साम्राज्य

तस्करी का आर्थिक गणित:

  • महंगे ठेकों की भरपाई: शराब कारोबारियों के बीच चर्चा है कि कई ठेकेदारों ने आबकारी नीलामी में दुकानें अत्यधिक ऊंची दरों पर ली हैं। स्थानीय स्तर पर अपेक्षित बिक्री न होने के कारण वे मुनाफा कमाने और ड्यूटी बचाने के लिए अवैध अंतरराज्यीय सप्लाई का सहारा ले रहे हैं।

  • स्थानीय नेक्सस: आलीराजपुर क्षेत्र में अलपेश, प्रदीप चौहान, चंदर चौहान और बाबू जैसे तस्करों के माध्यम से शराब के ट्रक गुजरात पहुंचाए जाते हैं।

  • पूर्व कर्मचारी बने सरगना: इस सिंडिकेट में शामिल कई प्रमुख तस्कर पूर्व में बड़े शराब ठेकेदारों के यहां कर्मचारी या ड्राइवर के रूप में काम करते थे। शराब की गाड़ियां पार करवाने का अनुभव हासिल करने के बाद अब वे खुद करोड़ों रुपये का तस्करी का साम्राज्य चला रहे हैं।

🕵️‍♂️ आबकारी विभाग और बायपास के थानों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल; जांच के नाम पर खानापूर्ति

प्रशासनिक मिलीभगत और अनदेखी:

  • सेटिंग का खेल: हाईवे पर रोजाना बड़े पैमाने पर हो रही इस तस्करी में आबकारी विभाग और बायपास स्थित कई थानों की भूमिका बेहद संदिग्ध मानी जा रही है।

  • लापरवाही या शह: रोजाना हाईवे से इतने बड़े पैमाने पर कंटेनर और ट्रक गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसरों द्वारा बिल्टी, माल के दस्तावेजों और फिजिकल वेरिफिकेशन (सघन जांच) को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

  • कार्रवाई की मांग: स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उच्चस्तरीय जांच एजेंसियों से कराने की मांग की है।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

Dhirendra Shastri Controversy: 15 नवंबर को बागेश्वर धाम में ताला डालने की चेतावनी, जानिए उज्जैन में क्या हुआ     |     MP News 2026: बदरवास में स्टॉप डैम टूटने से रबी फसलों पर मंडराया संकट, ग्रामीणों में गहरा रोष     |     Sapre Defection News: विवेक तंखा की पैरवी पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, दल-बदल मामलों का तुरंत हो निराकरण     |     Delhi High Court: फिल्म ‘सूर्या’ के टीजर पर विवाद, IMA और डॉक्टरों की याचिका पर हाईकोर्ट की दो टूक     |     Sudden Death Police Inquiry: क्लास में अचानक बेहोश होकर गिरी छात्रा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार     |     अंतरराष्ट्रीय न्यूज़: तेहरान के चौक पर ट्रंप को सलाखों के पीछे दिखाया गया, नेतन्याहू की तस्वीर पर क्रॉस     |     Safai Karmchari Protest: 57 जिलों से पहुंचे सफाईकर्मी, ज्ञापन लेने कोई अधिकारी न पहुंचने पर भड़के कर्मचारी     |     Railway News: 27 नवंबर 2026 तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी व्यवस्था, यात्रियों को मिलेगी कंफर्म सीट की सुविधा     |     Fire Safety Details: गैस वाहन में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, मची भगदड़     |     Hospital Case: मेडिकल कॉलेज के डीन और अधीक्षक को हटाने के बाद अब डॉक्टर की बहाली पर गरमाई सियासत     |