Indore Line Tihi Dhar: इंदौर-मनमाड़ व दाहोद-इंदौर रेल परियोजना में बड़ी प्रगति, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल के निवासियों के लिए रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर दोहरी बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। मध्य रेलवे ने बहुप्रतीक्षित मनमाड़-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना के तहत वणिहार (सेंधवा) से ग्यासपुरखेड़ी (धामनोद) के बीच 75.5 किलोमीटर लंबे नए रेलखंड के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) मॉडल पर टेंडर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस बड़ी उपलब्धि पर मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति ने खुशी जाहिर करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर बताया है।
💰 ₹2,548.37 करोड़ की लागत से तैयार होगी आधुनिक रेल लाइन; टनल, बड़े पुल व सिग्नलिंग कार्य होंगे शामिल
प्रोजेक्ट लागत और निविदा की प्रक्रिया:
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विस्तृत अनुमानित लागत: इस 75.5 किमी लंबे रेलखंड के निर्माण पर लगभग 2,548.37 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
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शामिल प्रमुख कार्य: परियोजना के अंतर्गत पटरियां बिछाने के अलावा टनल (सुरंग), विशाल पुल, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और ओवरहेड विद्युतीकरण (Electrification) का संपूर्ण काम शामिल है।
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समय-सीमा: टेंडर दस्तावेजों के अनुसार पूरे निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए चार वर्ष (48 माह) की समयावधि तय की गई है।
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महत्वपूर्ण तिथियां: मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने बताया कि निविदा 30 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। पहली प्री-बिड बैठक 31 दिसंबर 2026 को होगी। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2027 तथा तकनीकी बोलियां 19 मार्च 2027 को खोली जाएंगी।
⚡ दाहोद-इंदौर परियोजना: टीही-धार रेलखंड का विद्युतीकरण पूरा, 130 km/h की रफ्तार से चला इलेक्ट्रिक इंजन
टीही-धार रेलखंड की अद्यतन स्थिति:
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47.14 किमी लंबा रेलखंड: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत दाहोद-इंदौर परियोजना के टीही से धार स्टेशन तक 47.14 किमी लंबे नवनिर्मित सिंगल लाइन रेलखंड का काम पूरा हो चुका है।
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2.95 किमी लंबी टनल: इस खंड में 2.957 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक सुरंग भी बनकर तैयार है।
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सफल इंजन ट्रायल: निर्माण विभाग द्वारा 2 नवंबर को इस पूरे रूट पर 25 केवी एसी ओएचई लाइन से विद्युत इंजन का 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया जा चुका है।
🔍 प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर और सीआरएस (CRS) करेंगे निरीक्षण; गति परीक्षण की तैयारियां पूरी
निरीक्षण व सेफ्टी ट्रायल का शेड्यूल:
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प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर का निरीक्षण: बुधवार (4 नवंबर) को पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रजनीश कुमार गोयल रेलखंड का गहन निरीक्षण और इलेक्ट्रिक इंजन ट्रायल करेंगे।
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सुरक्षा आयुक्त का दौरा: इसके पश्चात 5 एवं 6 नवंबर को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS – पश्चिमी परिमंडल) द्वारा नवनिर्मित टीही-धार रेलखंड की सुरक्षा, ट्रैक क्षमता और सिग्नलिंग का निरीक्षण किया जाएगा।
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120+ km/h पर स्पीड ट्रायल: पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि सीआरएस निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों के तहत 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति पर ट्रेन दौड़ाकर अंतिम गति परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद इस रूट पर यात्री ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।