जबलपुर। मानसून के दौरान चार महीने तक बंद रहने के बाद आखिरकार मध्य प्रदेश का विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार हो गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर घटने के बाद यहां एक बार फिर से नौकायन का संचालन शुरू कर दिया गया है। पर्यटक नावों और मोटरबोट में सवार होकर संगमरमर की ऊंची-ऊंची चट्टानों (व्हाइट मार्बल रॉक्स) के बीच से गुजरते हुए प्रकृति के अद्भुत नजारों का लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि, इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को और अधिक मजबूत करने की मांग भी उठने लगी है।
🌊 धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर और ग्लास ब्रिज बने आकर्षण का केंद्र: विदेशी पर्यटक ने दिए सुरक्षा सुधार के सुझाव
भेड़ाघाट में धुआंधार जलप्रपात का गिरता पानी, 1000 साल पुराना ऐतिहासिक 64 योगिनी मंदिर (गोलकी मठ), रोपवे और ग्लास ब्रिज पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह ने बताया कि जलप्रपात तक जाने वाले अस्थायी पुल को दोबारा स्थापित किया जा रहा है। इस बीच, ऑस्ट्रेलिया से आईं एक विदेशी पर्यटक गुरप्रीत ने यहां की खूबसूरती की तारीफ तो की, लेकिन खतरनाक क्षेत्रों में स्पष्ट साइन बोर्ड और आपातकालीन सहायता के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के सुझाव दिए हैं।