CJP Update: कनॉट प्लेस में ‘तिरंगा और कैंडल मार्च’, चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ लगे नारे, कई हिरासत में
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में रविवार शाम उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सैकड़ों महिलाएं व छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए। हाथों में तिरंगा, मोमबत्तियां और मांग की तख्तियां लिए शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
⚖️ अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ एंगल पर फूटा गुस्सा: परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई
कनॉट प्लेस के आउटर व इनर सर्किल में प्रदर्शनकारियों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता भी शामिल हुए, जिन्होंने एक दिन पहले इंडिया गेट पर धरना दिया था। परिजनों व आंदोलनकारियों का आरोप है कि मामले में संलिप्त कथित ‘वीआईपी’ चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इस नियुक्ति को तुरंत रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की।
🗳️ SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप: पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक के बाद कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा कर रहे हैं कि इस कवायद के जरिए देशभर में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। जैसे ही मार्च आगे बढ़ा, पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई। दिल्ली पुलिस ने धारा-144 और अनुमति न होने का हवाला देते हुए कई महिला प्रदर्शनकारियों व छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर विभिन्न थानों में भेज दिया है।