Rape Case: शाजापुर की पॉक्सो अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, नाबालिग से हैवानियत करने वाले पांचों दोषी पहुंचेंगे जेल
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए सनसनीखेज सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए कुल 5 दोषियों को अलग-अलग धाराओं के तहत आजीवन कारावास (उम्रकैद) तथा अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। सजा पाने वालों में चार युवकों के साथ-साथ एक महिला आरोपी भी शामिल है, जिसने इस घिनौने अपराध में सहयोग किया था।
📋 इन दोषियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा
अदालत द्वारा सजायाफ्ता दोषियों का विवरण:
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मॉयंक उर्फ गोलू विश्वकर्मा (उम्र 30 वर्ष, निवासी सारंगपुर रोड, अकोदिया मंडी, जिला शाजापुर)
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शहादत उर्फ राजा (उम्र 26 वर्ष, निवासी अकोदिया मंडी, जिला शाजापुर)
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अनस उर्फ अनीस खां (उम्र 24 वर्ष, निवासी संजय कॉलोनी, अकोदिया, जिला शाजापुर)
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दुर्गेश राठौर (उम्र 28 वर्ष, निवासी भागीरथ चौराहा, नगर शाजापुर)
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सुनीता राठौर (उम्र 54 वर्ष, निवासी भागीरथ चौराहा, नगर शाजापुर)
📞 पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट; पुलिस ने दस्तयाब कर खोली दरिंदगी की पोल
मामले की पृष्ठभूमि और अभियोजन पक्ष का पक्ष:
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गुमशुदगी की रिपोर्ट: मीडिया सेल प्रभारी एवं जिला अभियोजन अधिकारी (अजाक) शाजापुर प्रतीक श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना शुजालपुर मंडी में अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शिकायत दर्ज होने के बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने सघन तलाश शुरू की और 30 जून को नाबालिग पीड़िता को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।