Fake Complaint Controversy: फर्जी शिकायतों का खेल पड़ा भारी, GRP इंस्पेक्टर बबीता कठेरिया की गई नौकरी
भोपाल । मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। भोपाल जीआरपी (GRP) की कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। स्पेशल डीजी राजाबाबू सिंह ने गुरुवार को इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं। बबीता कठेरिया पर आरोप है कि उन्होंने टीआई (TI) की कुर्सी हासिल करने के लिए साथी पुलिस अधिकारियों—इटारसी के तत्कालीन टीआई संजय चौकसे और भोपाल के टीआई जहीर खान—के खिलाफ किसी अन्य समाजसेवियों और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्टों के फर्जी नाम से पोस्ट ऑफिस के जरिए झूठी शिकायतें भिजवाई थीं। विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगे आरोप और पुलिस रेगुलेशन पैरा 64 का उल्लंघन पूरी तरह प्रमाणित हुआ है।
📮 क्या था पूरा मामला? फर्जी नाम से भेजी जाती थीं शिकायतें
जांच में सामने आया कि पद पाने की होड़ और आपसी रंजिश के चलते कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया ने प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने और साथी अधिकारियों की छवि धूमिल करने का रास्ता चुना था:
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फर्जी पहचान का इस्तेमाल: उन्होंने समाजसेवियों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के नाम और फर्जी पतों का इस्तेमाल करके पोस्ट ऑफिस के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को झूठी शिकायतें भेजी थीं।
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विभागीय जांच: जब इन शिकायतों की गहराई से अंदरूनी जांच की गई, तो पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया।
📜 कदाचरण और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन
इस गंभीर कृत्य को पुलिस बल की अनुशासनहीनता और गंभीर कदाचरण मानते हुए उच्चाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय जांच के दौरान यह साबित हो गया कि बबीता कठेरिया ने अपने पद की गरिमा के विपरीत कार्य किया है और पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64 का स्पष्ट उल्लंघन किया है।