Latest Update: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों का डीए 5% बढ़ाने की तैयारी पूरी, 3 नवंबर की कैबिनेट बैठक पर टिकीं निगाहें
भोपाल । केंद्र सरकार द्वारा अपने लाखों कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार भी राज्य के अधिकारियों व कर्मचारियों का डीए (Dearness Allowance) बढ़ाने की दिशा में अंतिम चरण की तैयारी कर चुकी है। राज्य सरकार आगामी कैबिनेट बैठक में इसका औपचारिक ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों के डीए में 5 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी कर सकती है। आगामी दीपावली त्यौहार के मद्देनजर कर्मचारी वर्ग की निगाहें कैबिनेट के फैसलों पर टिकी हुई हैं।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को 63 फीसदी डीए मिल रहा है। इस 5 फीसदी की बढ़ोतरी से राज्य के कर्मचारियों के वेतन में 650 रुपये से लेकर 7500 रुपये प्रति माह तक की अच्छी-खासी वृद्धि देखने को मिलेगी।
📊 केंद्रीय कर्मचारियों से 5% पीछे छूटे राज्य के कर्मचारी; जनवरी और जुलाई का डीए था लंबित
दीपावली पर्व से ठीक पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 3 फीसदी डीए बढ़ोतरी की बड़ी सौगात दी है, जिससे उनका कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो चुका है।
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अंतर और बकाया: इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारी केंद्र के मुकाबले 5 फीसदी पीछे रह गए हैं। प्रदेश के कर्मचारियों का जनवरी 2026 से 2 फीसदी और जुलाई 2026 से 3 फीसदी का महंगाई भत्ता काफी समय से लंबित चल रहा था।
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उम्मीद: अब संभावना जताई जा रही है कि राज्य सरकार त्योहार के सीजन में कर्मचारियों को राहत देते हुए एकमुश्त 5 फीसदी डीए बढ़ाने का ऐलान करेगी।
💰 सरकारी खजाने पर पड़ेगा ₹1200 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ; 3 नवंबर की कैबिनेट बैठक का इंतजार
कर्मचारियों के डीए में 5 फीसदी का इजाफा करने से राज्य सरकार के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा:
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आर्थिक बोझ का गणित: 5 फीसदी डीए बढ़ाने से केवल भत्ते मद में 752 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। वहीं, जनवरी से अक्टूबर तक की एरियर (Arrears) राशि को जोड़ लिया जाए तो सरकार पर कुल 1200 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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कैबिनेट की आस: प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को 3 नवंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक का बेसब्री से इंतजार है, जहाँ सरकार द्वारा इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगाने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
🪧 महंगाई भत्ता न मिलने पर 4 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी; पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी लिखा पत्र
दूसरी ओर, महंगाई भत्ते की घोषणा में हो रही देरी को लेकर कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है।
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धरना प्रदर्शन की तैयारी: ‘मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ’ ने 4 नवंबर से प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है। संघ के प्रांतीय पदाधिकारी उमाशंकर तिवारी ने कहा, “कर्मचारियों को उनके जायज हक और महंगाई भत्ते के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जबकि यह समय पर स्वतः मिल जाना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में तो पुराने डीए के एरियर का भुगतान भी अभी तक अटका हुआ है।
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पेंशनर्स की मांग: ‘पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव और वित्त विभाग को पत्र लिखकर लंबित 2 और 3 फीसदी डीए का तुरंत भुगतान किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।