Middle East Crisis: सऊदी अरब में फंसे उमराह के 4000 भारतीय यात्री, उड़ानों के रद्द होने से बढ़ी मुश्किलें
भोपाल। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं का सीधा असर उमराह के लिए सऊदी अरब गए भारतीय श्रद्धालुओं पर पड़ा है। एयरलाइंस द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने के कारण लगभग 4,000 भारतीय यात्रियों के वहां फंसे होने की आशंका है। इनमें अकेले मध्य प्रदेश के 300 से अधिक और भोपाल-इंदौर के 120 से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हैं। अचानक उड़ानें रद्द होने से यात्रियों के सामने ठहरने, खाने-पीने और सुरक्षित वापसी के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। होटल और स्थानीय परिवहन पर प्रति व्यक्ति रोजाना 4 से 5 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आने से कई परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
💸 दोगुने से ज्यादा हुए वापसी के हवाई किराए: सड़क मार्ग से दूसरे देश पहुंचने की मजबूरी, मंत्री कृष्णा गौर लिखेंगी विदेश मंत्रालय को पत्र
सामान्य दिनों में सऊदी अरब से भारत वापसी का टिकट 15 से 17 हजार रुपये में मिल जाता था, जो अब बढ़कर 35 से 50 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। भोपाल के कई परिवार मदीना में फंसे हुए हैं और ट्रैवल एजेंसियां ओमान, कतर या दुबई के रास्ते भारत लाने का विकल्प तलाश रही हैं। वहीं सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक और जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता अब्बास हफीज की मांग के बाद मध्य प्रदेश की अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने प्रभावित यात्रियों की सकुशल वापसी के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है।