Success Story: ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान बना आजीविका मिशन, घरेलू हिंसा और समस्याओं का हो रहा समाधान
छिंदवाड़ा। कुछ साल पहले तक जिन महिलाओं की दुनिया सिर्फ घर-गृहस्थी, चौके-चूल्हे या खेतों तक सीमित थी, आज वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में एक मिसाल पेश कर रही हैं। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर ये महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं का समाधान कर ‘चेंजमेकर’ की भूमिका निभा रही हैं। आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं के जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव ने ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदल दी है।
🏛️ लोक अधिकार केंद्र बन रहा महिलाओं का सहारा: घरेलू हिंसा से लेकर सरकारी योजनाओं तक का हो रहा निराकरण
समता समन्वयक दीपिका इवनति ने बताया कि 2020 में आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया और आज वे हर महीने बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उनके लोक अधिकार केंद्र में पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों मामले आए, जिनमें घरेलू हिंसा, पात्रता आवास, जॉब कार्ड और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। वहीं, समता सखी देवी खतरकर ने मजदूरी से निकलकर अपने पति के साथ किराना स्टोर और दुकान शुरू की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ये केंद्र महिलाओं के लिए एक मजबूत संबल साबित हो रहे हैं।