Protests News : धारा 163 के उल्लंघन पर पुलिस सख्त, अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। शुक्रवार (16 अक्टूबर) को कनॉट प्लेस और मंडी हाउस के आसपास तिरंगा रैली व प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर निषेधाज्ञा (BNSS की धारा 163) के उल्लंघन के आरोप में कई एफआईआर दर्ज की हैं और चेतावनी दी है कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
🇮🇳 कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क के बाहर निकाली गई तिरंगा रैली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एहतियातन हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘लेहरा दो तिरंगा’ रैली के तहत 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आह्वान किया था। प्रतिबंधों और घोषणाओं के बावजूद जब कनॉट प्लेस के आसपास भारी भीड़ जमा हुई, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिजीत दीपके सहित लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दीपके को पहले ही दो अलग-अलग नोटिस जारी कर सार्वजनिक सभाओं पर लगे प्रतिबंधों का हवाला दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
👩🎓 AISA अध्यक्ष नेहा बोरा का तीखा हमला: ‘आम नागरिकों के साथ किया जा रहा है अपराधियों जैसा सलूक’
उधर, मंडी हाउस के पास मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में रिहा होने के बाद AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तीखा आरोप लगाया कि देश में आम नागरिकों के साथ शातिर अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को तुरंत रोकने की मांग दोहराई ताकि आम जनता अपने मताधिकार को लेकर निश्चिंत रह सके।