उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आम नागरिकों की शिकायतों के समय पर निराकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा अपने सख्त तेवर के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायतों के निपटारे के मामले में उज्जैन पुलिस के ‘बी’ श्रेणी में पहुंचने पर एसपी आगबबूला हो गए। शहर के 5 प्रमुख पुलिस थानों में शिकायतों के पेंडिंग रहने और कार्य में लगातार लापरवाही बरतने के कारण एसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित थाना प्रभारियों और उनके पूरे स्टाफ को पुलिस लाइन तलब किया और उनकी परेड कराई।
📋 विशेष व्यवस्था के बावजूद थानों में जारी रही लापरवाही; लाइन अटैच अफसरों की भी लगाई गई ड्यूटी
एसपी की विशेष व्यवस्था और थानों की नाकामी:
-
विशेष प्रबंध: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और सुगम समाधान के लिए एसपी प्रदीप शर्मा ने पहले से ही एक विशेष व्यवस्था बना रखी है। इसके तहत पुलिस लाइन में अटैच इंस्पेक्टर्स और अधिकारियों को भी थानों के इस कार्य में सहयोग के लिए लगाया गया है, ताकि यदि थाने का स्टाफ किसी अन्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में व्यस्त हो, तो लाइन के अधिकारी मदद कर सकें।
-
लापरवाही पर एक्शन: तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद शहर के 5 थानों के कामकाज में सुधार नहीं आया और शिकायतों की पेंडेंसी बढ़ती चली गई, जिससे नाराज होकर एसपी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
🚨 इन 5 थानों की रिपोर्ट आई खराब; टीआई से लेकर आरक्षक तक लाइन में हुए शामिल
कार्रवाई के दायरे में आए थाने और निर्देश:
-
खराब प्रदर्शन वाले 5 थाने: सीएम हेल्पलाइन निराकरण में अपेक्षित गंभीरता न दिखाने वाले थानों में अजाक थाना (AJK Thana), कोतवाली थाना, खाराकुआं थाना, चिमनगंज मंडी थाना और माधवनगर थाना शामिल हैं।
-
सामूहिक परेड: इन पांचों थानों के थाना प्रभारियों से लेकर संतरी और आरक्षकों तक को पुलिस लाइन में खड़ा कर परेड कराई गई।
⚖️ एसपी प्रदीप शर्मा की दो टूक चेतावनी; हर मंगलवार और शुक्रवार को होगी अस्त्र-शस्त्र के साथ परेड
एसपी का सख्त संदेश:
-
नया आदेश: पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि, “जब तक थानों की सभी लंबित शिकायतों का सौ फीसदी निराकरण नहीं हो जाता, तब तक लापरवाही बरतने वाले इन थानों के पूरे स्टाफ को हर मंगलवार और शुक्रवार को अस्त्र-शस्त्र के साथ पुलिस लाइन में परेड करनी होगी।”
-
जीरो टॉलरेंस: एसपी ने साफ कर दिया है कि नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।