मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक ट्रांसजेंडर महिला की ‘जेंडर अफर्मिंग बॉटम सर्जरी’ (Gender Affirming Bottom Surgery) सफलतापूर्वक संपन्न की है। एम्स प्रबंधन का दावा है कि मध्य प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह की जटिल शल्य चिकित्सा पहली बार की गई है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत मरीज की इच्छा और पूर्ण कानूनी सहमति के आधार पर उसकी लैंगिक पहचान के अनुरूप जननांग क्षेत्र का पुनर्निर्माण किया गया।
👨⚕️ 8 घंटे तक चला जटिल ऑपरेशन: कई विभागों के शीर्ष विशेषज्ञों ने मिलकर दिखाया तालमेल
एम्स के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के तत्वावधान में यह ऑपरेशन करीब 8 घंटे तक चला। इस जटिल शल्य चिकित्सा का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. मनाल खान और सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिनव सिंह ने रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम के साथ किया। सर्जरी की संवेदनशीलता को देखते हुए एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अनुज जैन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के डॉ. अरुण कुमार डोरा और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. देवाशीष कौशल ने अहम भूमिका निभाई। डॉक्टरों की पूरी टीम ने योजना से लेकर सफल क्रियान्वयन तक उत्कृष्ट अंतर-विभागीय समन्वय का परिचय दिया।
🌈 ट्रांसजेंडर क्लिनिक से मिल रहीं आधुनिक सुविधाएं: मरीज को मिली स्वस्थ अवस्था में छुट्टी
सफल सर्जरी के उपरांत मरीज ने परिणामों पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया है, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें स्वस्थ स्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेंद्र कोतवाल ने बताया कि इस सफल सर्जरी से मरीज को एक महिला के रूप में सामाजिक व शारीरिक गरिमा हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि एम्स में पहले से ही समर्पित ‘ट्रांसजेंडर क्लिनिक’ संचालित है, जहाँ इस समुदाय के लोगों को परामर्श, जाँच, उपचार और जेंडर अफर्मिंग प्रक्रियाओं जैसी सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं।