मालवा रीजन में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने के कारण आगामी महीनों में जल संकट की आशंका गहरी होती जा रही है। विशेषकर इंदौर जिले में सामान्य से करीब 27 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे जलस्रोतों पर गहरा असर पड़ा है। इस स्थिति से निपटने के लिए संभागायुक्त डॉ. भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर जल प्रबंधन और भविष्य की जरूरतों को लेकर ठोस रणनीतियां तैयार करना शुरू कर दिया है।
💧 गंभीर लिंक योजना से यशवंत सागर में लाया जाएगा नर्मदा जल
अपेक्षित वर्षा न होने के कारण यशवंत सागर में प्राकृतिक रूप से पानी नहीं पहुंच सका है, जिससे तालाब की सफाई और जलकुंभी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। अब गंभीर लिंक योजना के माध्यम से यशवंत सागर में नर्मदा का पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, जिससे न केवल तालाब का जलस्तर बढ़ेगा बल्कि प्राकृतिक प्रवाह से उसकी सफाई में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा लिम्बोदी समेत शहर के अन्य तालाबों का जलस्तर भी जरूरत के अनुसार बढ़ाने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
🚫 निर्माण कार्यों में ट्रीटेड पानी अनिवार्य और बोरिंग पर लग सकती है रोक
शहर में भूजल के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। आगामी समय में नए बोरिंग कराने पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं ताकि जल स्तर को सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही, शहर में पानी की खपत को नियंत्रित करने के लिए भवन निर्माण कार्यों में उपचारित (ट्रीटेड) पानी का उपयोग अनिवार्य करने हेतु जल्द ही एसओपी जारी की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से भी पानी बचाने की अपील करते हुए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है।