कभी पथरीली, मुरम और बंजर जमीन के रूप में पहचानी जाने वाली धार जिले की प्रसिद्ध जमन जत्ती पहाड़ी अब हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता की एक नई और खूबसूरत तस्वीर पेश कर रही है। कुछ साल पहले तक जहां दूर-दूर तक केवल पत्थर और सूखी जमीन नजर आती थी, वहीं आज वहां लहलहाते पेड़-पौधे और चारों तरफ हरियाली दिखाई देती है। वन विभाग के अथक पौधारोपण, संरक्षण और लगातार किए गए सकारात्मक प्रयासों के चलते इस पहाड़ी का पूरा स्वरूप ही बदल गया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है।
🍃 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विकसित किए गए 15 अलग-अलग फॉरेस्ट और गार्डन
साल 2022-23 से वन विभाग ने इस क्षेत्र को बड़े पैमाने पर विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया था। करीब 56 हेक्टेयर पहाड़ी क्षेत्र का चयन किया गया, जिसमें से लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में भव्य ‘नगर वन’ विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यहां करीब 15 अलग-अलग प्रकार के फॉरेस्ट और गार्डन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें टीक फॉरेस्ट, मेडिसिनल एवं हर्बल फॉरेस्ट, रोज गार्डन और योग गार्डन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा यहां आने वाले पर्यटकों के लिए नेचर ट्रैक, बटरफ्लाई ट्रैक, वॉच टावर और पगोड़ा जैसी आकर्षक सुविधाएं भी बनाई गई हैं।
👨👩👧 शहरवासियों को मिला सुकून का नया ठिकाना: बच्चों के लिए चिल्ड्रन गार्डन और नाममात्र का होगा प्रवेश शुल्क
इस नगर वन में शहरवासियों को प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। वॉच टावर से लोग धार शहर का खूबसूरत नजारा देखने के साथ-साथ सूर्यास्त का आनंद भी ले सकेंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्ड्रन गार्डन और खाने-पीने के लिए रेस्टोरेंट की सुविधा भी विकसित की जा रही है। वन विभाग के अनुसार नगर वन का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। डीएफओ विजयन्थम टी.आर. ने बताया कि जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके प्रवेश और पार्किंग के लिए नाममात्र का शुल्क रखा जाएगा ताकि धारवासियों को शहर के करीब ही प्रकृति और सुकून का एक नया ठिकाना मिल सके।