Narmadapuram News: ढाई साल की उम्र में नर्मदा में तैरना सीखने वाली हर्षिता ने जापान में फिर लहराया परचम
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की होनहार सेलिंग खिलाड़ी हर्षिता तोमर ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) हासिल किया है। हर्षिता ने शीतल वर्मा के साथ मिलकर महिला स्किफ स्पर्धा में यह उपलब्धि अपने नाम की है। नौ रेस के बाद भारतीय जोड़ी 24 नेट पॉइंट के साथ तीसरे स्थान पर रही। हर्षिता के लिए यह पदक इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इससे पहले उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में भी मात्र 16 साल की उम्र में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
🌊 नर्मदा की लहरों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर: बहुत छोटी उम्र में शुरू कर दी थी तैराकी
हर्षिता के पिता देवेंद्र तोमर ने गर्व के साथ बताया कि उनकी बेटी ने महज ढाई से तीन साल की उम्र में मां नर्मदा में तैराकी करना शुरू कर दिया था और करीब 5-6 साल की उम्र तक आते-आते वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने लगी थी। इसके बाद वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में चयन होने पर उसने सेलिंग की शुरुआत की और नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर कई पदक हासिल किए। माता-पिता ने इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय हर्षिता की कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों, विशेषकर उमाशंकर व्यास को दिया है, जिन्होंने उसे एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
🇮🇳 दोबारा इतिहास रचकर परिवार और प्रदेश को किया गौरवान्वित
हर्षिता की इस ऐतिहासिक जीत से उनके गृह जिले नर्मदापुरम सहित पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिवार का कहना है कि नर्मदा मैया के आशीर्वाद और कोच के मार्गदर्शन से हर्षिता ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। एशियन गेम्स में दूसरा मेडल जीतकर उसने यह साबित कर दिया है कि यदि पक्के इरादे हों, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।