मगरिया चौराहा का नाम खरखरे चौराहा रखकर प्रतिमा स्थापित की जाए- पूर्व मंत्री कराड़ा

शाजापुर। जिले से एक ऐसी शख्सियत विदा हो गई है जिसके जाने की कमी को कभी पूरा नही किया जा सकता है। मुसीबत की घड़ी में हर धर्म के लोगों के लिए खड़े रहने वाले शख्स का यूं अचानक से दुनिया को अलविदा किया जाना एक बड़ी क्षति है। यह बात मध्यप्रदेश शासन के पूर्व जल संसाधन मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं मोहर्रम कमेटी के सदर बाबू खान खरखरे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही। गतदिनों इंसानियत की मूरत श्री खरखरे का इंतकाल हो गया था, जिसके बाद से पूरे जिले में शोक व्याप्त है। शुक्रवार को एबी रोड स्थित राधा गार्डन में श्री खरखरे को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री श्री कराड़ा ने कहा कि जब भी इंसानियत और भाईचारे की बात आएगी तो श्री खरखरे और उनके आदर्शों को याद किया जाएगा। श्री खरखरे किसी एक समाज के नही, बल्कि वे सर्वधर्म के लोकप्रिय नेता थे। कराड़ा ने कहा कि मरहुम बाबू खान खरखरे किसी एक धर्म के लिए बंधकर काम नही करते थे, वे हमेशा मानव सेवा के लिए काम करते थे और इसी कारण उनका हर धर्म का व्यक्ति सम्मान के साथ नाम लेता है। श्रद्धाजंलि सभा को शहर काजी एहसानउल्लाह ने कहा कि खरखरे का इस तरह से चला जाना एक बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नही की जा सकेगी। कावड़ यात्रा संघ के संतोष जोशी ने कहा कि श्री खरखरे भाईचारे की अनूठी मिसाल रहे हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन के कारण शहर में हर संप्रदाय के धार्मिक आयोजन शांति और सद्भाव के साथ संपन्न होते रहे हैं। ईद की मिठास हो या फिर दीपोत्सव की रोशनी, या फिर होली का रंग हो, सभी में खरखरे की शिरकत हमेशा इंसानियत का पैगाम देती रही है। उनके आदर्श हमेशा याद रहेंगे।
मगरिया को किया खरखरे चौराहा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूर्व मंत्री कराड़ा ने नगरपालिका से अनुरोध किया कि वे मगरिया चौराहा का नाम बदलकर उसका नाम खरखरे चौराहा करें। साथ ही मानव सेवा के लिए हमेशा कार्य करते रहने वाले श्री खरखरे की एक प्रतिमा भी चौराहे पर लगाई जाए, ताकि युगों-युगों तक खरखरे के आदर्शों को याद रखा जा सके। सभा को प्रहलादसिंह टिपानिया, रामवीरसिंह सिकरवार, वीरेंद्रसिंह गोहिल, नरेश कप्तान, बालकृष्ण आर्य, अजबसिंह पंवार, सलीम ठेकेदार, रफीक पेंटर, सरदार मूसा आजम खान, राजेश पारछे, रामू सर्राफ, बंटी बना, अमरसिंह बकानी, इरशाद खान, दीपक निगम, साजिद अली वारसी, चंदरसिंह सेंधव, शोएब मेव सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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