कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर शनिवार को एक बार फिर जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। इस दौरान राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक घर से बाहर आईं और उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग तक कर डाली। गौरतलब है कि शुक्रवार रात को हुए भारी बवाल और झड़प के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी गई थी।

पटुआपाड़ा स्थित आवास के बाहर जुटने लगे समर्थक, केक काटने के कार्यक्रम को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी बहस

शनिवार दोपहर को जैसे ही दिन चढ़ या, इलाके में एक बार फिर तनाव और भीड़भाड़ बढ़ने लगी। सुबह से ही अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक हाथ में फूल-मालाएं लेकर जमा होने लगे। पटुआपाड़ा में उनके घर के पास बनाए गए एक अस्थायी कैंप में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। चर्चा थी कि अभिषेक बनर्जी दोपहर 3 बजे उस कैंप के पास पहुंचकर केक काटेंगे। इस बीच ममता के समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सड़क पर इस तरह का आयोजन करने से मना किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस हाथापाई में तब्दील हो गई। इस बढ़ते हंगामे की खबर मिलते ही ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी नीचे आ गए। शुक्रवार रात के संघर्ष के बाद शनिवार दोपहर को ममता ने खुद मोर्चा संभाला, अभिषेक के घर के बाहर एक कुर्सी पर खड़ी हुईं और हाथ में माइक लेकर पुलिस के खिलाफ जोरदार हमला बोला।

पुलिस पर बुरी तरह भड़कीं ममता बनर्जी, कहा— कालीघाट थाने के अधिकारी बीजेपी की कठपुतली न बनें, वरना भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

ममता बनर्जी ने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि कालीघाट के पटुआपाड़ा इलाके में रोजाना बड़ी संख्या में लोग मूर्तियां और अन्य सामान खरीदने आते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्थानीय कारोबारियों और व्यापार को कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोग शांति के साथ अपना व्यवसाय कर सकें, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। उनके मुताबिक जो लोग अभिषेक से मिलने आएंगे, वे सड़क के बाईं ओर चलेंगे ताकि दाईं ओर का रास्ता ट्रैफिक के लिए पूरी तरह खुला रहे। ममता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उनके काम या समर्थकों की आवाजाही में बेवजह रुकावट डाली गई, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटायेंगे। उन्होंने कालीघाट थाने के एसएचओ (OC) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे अपने परिवार और थाने की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कठपुतली बनकर काम मत करो, वरना तुम्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है।”

कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद और विनीत गोयल पर साधा निशाना, कहा— अगर लोगों का गुस्सा फूटा तो हालात संभालना होगा मुश्किल

शनिवार को अभिषेक के घर के भीतर जाने के दौरान ममता ने सीधे तौर पर बलाई बाग पुलिस स्टेशन के अधिकारी को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कुछ थानों की कार्यशैली ठीक नहीं है और कालीघाट थाने में हाल ही में लाए गए नए अधिकारी को यह याद रखना चाहिए कि यदि आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा तो स्थिति काफी बिगड़ सकती है। इसके बाद बढ़ते तनाव के बीच ममता ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “अजय नंद और विनीत (गोयल) दोनों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।” ममता ने यह भी दावा किया कि उनके घर के सामने पूरी तरह गैर-कानूनी तरीके से गतिविधियां कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को पारंपरिक होने का दावा करते हैं, वे उत्सव या पूजा से पहले ही हमलों की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि हिंदू धर्म को ठेस न पहुंचाई जाए और इस तरह के राजनीतिक खेल खेलना बंद किए जाएं। उनका आरोप था कि जब से वे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल हुई हैं, तब से उन्हें और उनकी पार्टी को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

शुक्रवार रात से जारी है कालीघाट में बवाल, टीएमसी समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में कई लोग घायल

आपको बता दें कि शुक्रवार रात से ही कोलकाता के कालीघाट इलाके में तनाव और झड़पों का दौर जारी है। ममता समर्थक टीएमसी कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी कहासुनी, हाथापाई, ईंट-पत्थर फेंकने और आमने-सामने के संघर्ष के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। सांसद अभिषेक बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए अभिषेक ने शुक्रवार रात अपने घर के बाहर ही धरना देना शुरू कर दिया था और उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन पर कील लगे डंडों से हमला किया। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अभिषेक अपने घर के अंदर गए। घटना से पहले डायमंड हार्बर के सांसद ने दावा किया था कि उन्होंने दो दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर हमले की आशंका जताई थी और लोकसभा अध्यक्ष को भी टैग किया था। उनके अनुसार इस पूरे संघर्ष में उनके चार-पांच समर्थक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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