योग्यता के आधार पर हो चयन, प्रतिभा से न हो खिलवाड़ – काले कानून के विरोध में सड़क पर उतरे हजारों करणी सैनिक व नगरवासी

शाजापुर। श्री राजपूत करणी सेना और सवर्ण समाज ने यूजीएस एक्ट के नए कानून के विरोध तथा इडब्ल्यूएस वर्ग की मांगों को लेकर शाजापुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर में एक विशाल पैदल रैली निकाली गई और बाद में सभा कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। करणी सेना ने मांग की कि किसी भी प्रतिभा के साथ खिलवाड़ न हो और योग्यता के आधार पर प्रतिभा के साथ न्याय किया जाए।
रविवार को श्री राजपूत करणी सेना की रैली मां राजराजराजेश्वरी मंदिर से शुरू हुई जो बस स्टैंड परिसर, नई सड़क, आजाद चौक और शहरी हाईवे से होते हुए पुरानी कृषि उपज मंडी टंकी चौराहे पर पहुंची, जहां सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि श्री राजपूत करणी सेना यूजीसी के काले कानून का विरोध करती है। हमारा मानना है कि शिक्षा और नौकरी में चयन का आधार केवल योग्यता होनी चाहिए। किसी भी वर्ग को सिर्फ इसलिए पीछे नहीं छोड़ना चाहिए कि वह सवर्ण परिवार में जन्मा है। हम समानता के समर्थक हैं और आरक्षण का आधार भी जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। ताकि सभी में समानता हो। गरीब चाहे किसी भी वर्ग का हो, उसे सहायता मिलनी चाहिए। करणी सेना युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है। इसलिए हमारी मांगों को पूरा किया जाकर देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जाए ताकि सुरक्षित और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर श्री राजपूत करणी सेना प्रदेशाध्यक्ष श्री राजपूत करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष अनुरागप्रतापसिंह राघव, जिलाध्यक्ष सुरेंद्रसिंह जादौन, शैलेंद्रसिंह पवार, प्रेम सिंह, राजकुमार सिंह, नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्री राजपूत करणी सेना पदाधिकारी, कार्यकर्ता व नगरवासी उपस्थित थे।
ज्ञापन में ये रखी प्रमुख मांगे
नायब तहसीलदार नाहिदा अंजूम को सौंपे गए ज्ञापन में करणी सेना ने मांग की कि अन्य आरक्षित वर्गों की तरह इडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी भूमि एवं आय संबंधित प्रावधानों को लागू किया जाए। अन्य आरक्षित वर्गों की तरह ईडब्ल्यू को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण सीमा बढ़ाकर 10 से 20 प्रतिशत किया जाए और विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति एवं शिक्षा सहायता योजना का लाभ दिया जाए तथा राज्य शासन योजनाएं जैसे मेघावी विद्यार्थी योजना, आकांक्षा योजना, प्रस्तुति सहायता योजना आदि में समान रूप से शामिल किया जाए। अन्य आरक्षित वर्गों की तरह इस वर्ग के कल्याण हेतु राज्य स्तरीय ‘‘इडब्ल्यूएस कल्याण बोर्ड’’ का गठन किए जाने सहित अन्य मांगों के निराकरण की मांग की गई। करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया जाता है तो करणी सेना वृहद आंदोलन को मजबूर होगी जिसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।

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