SIR ड्यूटी में लगे अधिकारियों की सुरक्षा का मामला! चुनाव आयोग ने DGP को पत्र लिखकर क्यों दिए निर्देश? पश्चिम बंगाल में हड़कंप

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को पत्र लिखकर उन्हें SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) की सुरक्षा पक्की करने का निर्देश दिया है. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि आयोग को ऐसी रिपोर्ट मिली है कि उनकी सुरक्षा को “खतरा” है. यह तीन दिनों में राज्य सरकार को EC का दूसरा पत्र है, जिसमें पश्चिम बंगाल में पोल ​​अधिकारियों की सुरक्षा पर चिंता जताई गई है.

इससे पहले बुधवार को, चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के ऑफिस में “गंभीर सुरक्षा उल्लंघन” को लेकर पत्र लिखा था. यह घटना BLOs के एक ग्रुप के “बहुत ज्यादा काम के दबाव” के खिलाफ प्रदर्शन के बाद हुई थी.

CEC यहां खुद आकर देखेंः BJP अध्यक्ष

चुनाव आयोग ने कल शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के DGP को भेजे पत्र में कहा, “BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से तुरंत राज्य का दौरा करने और खुद जाकर यह देखने का अनुरोध किया कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लोगों द्वारा BLOs में “खौफ, दबाव और धमकी का माहौल” बनाया जा रहा है.”

चुनाव आयोग के सेक्रेटरी सुजीत कुमार मिश्रा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया, “चुनाव आयोग को कई जगहों से यह बात संज्ञान में आई है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स और दूसरे फील्ड अधिकारियों की जान की सुरक्षा को लगातार खतरा है. इसकी वजह से वे SIR के काम के लिए अपनी कानूनी ड्यूटी नहीं कर पाएंगे.”

चुनाव से जुड़े अधिकारियों की हो सुरक्षाः ECI

पत्र में आगे कहा गया, “आयोग कमीशन बूथ लेवल ऑफिसर्स और SIR के काम में लगे दूसरे फील्ड अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर परेशान है और इसलिए पुलिस अधिकारियों को इन अधिकारियों और स्टाफ की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने का निर्देश देता है.”

चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि राज्य को यह तय करना चाहिए कि फील्ड अधिकारियों पर “डर, धमकी और गलत असर जैसा कोई भी माहौल” नहीं बनने पाए और कहीं भी कोई अनहोनी न घटने पाए.

BJP ने पत्र के जरिए लगाए थे आरोप

राज्य में अभी 80,000 से ज्यादा BLOs वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए फॉर्म बांटने, एकत्र करने और डिजिटाइज़ करने में लगे हुए हैं.

TMC पर एसआईआर प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए “धमकी देने की संस्कृत्” शुरू करने का आरोप लगाते हुए, BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि BLOs को दबाव में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, अक्सर गलत डेटा अपलोड करने का भी दबाव डाला जाता है, साथ ही यह भी कहा कि चुनाव आयोग “कुछ रूटीन बयानों और फोन कॉल के जरिए दिल्ली से पश्चिम बंगाल की बदलती जमीनी हकीकत पर नजर नहीं रख सकता”.

इस बीच, मुख्य चुनाव अधिकारी(CEO) के ऑफिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल कोलकाता बिल्डिंग में हाल ही में हुई “सुरक्षा में चूक” की घटना के बाद, आयोग ने निर्देश दिया है कि ऑफिस को सिक्योरिटी के हिसाब से सही जगह पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया, जो पहले ही शुरू हो चुका था, अब तेज किया जाए. उन्होंने कहा, “आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को CEO, पश्चिम बंगाल के मौजूदा और नए ऑफिस की पूरी सिक्योरिटी पक्का करने का भी निर्देश दिया है.”

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व     |     भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रिपोर्ट     |     ब्रेकअप के बाद एक्स गर्लफ्रेंड की हर हरकत जानने के लिए पुलिस विभाग में डाली 97 आरटीआई, हैरान करने वाला मामला     |     कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या     |     कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा     |     कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा     |     भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या     |     न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता मुकाबला     |     दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम     |     सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलती     |