अभिनेता से नेता बनीं हेमा मालिनी ‘बिहू’ उत्सव पर अपने ट्वीट के साथ सोशल मीडिया ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। बोहाग बिहू, असम के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, जो फसल की कटाई की अवधि की शुरुआत का प्रतीक है। हिंदू सौर कैलेंडर का पहला दिन पंजाब, तमिलनाडु, उड़ीसा, केरल, मणिपुर, पश्चिम बंगाल राज्यों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
गुरुवार को हेमा मालिनी ने सभी को फसल कटाई की खुशियों की कामना की। इस दौरान उन्होंने ‘बिहू’ को बिहार के लिए नया साल कहकर एक बड़ी गलती की। हेमा ने कहा, अभी फसल कटाई का मौसम है। तमीज पुथंडु (नया साल), बैसाखी (पंजाब), बिहू (बिहार) और पोहेला बैसाख या नबा बरशा (बंगाल) मनाए जाने वाले कुछ त्योहार हैं। आप सभी को इस शानदार त्योहार की शुभकामनाएं।
जिसके बाद नेटिज़न्स ने हेमा की इस गलती पर उन्हें ट्रोल किया। एक सोशल मीडिया यूजर ने ट्वीट किया, “बिहू असम से है, बिहार से नहीं।” एक अन्य ने लिखा, “मैम बिहू असम से हैं। कृपया अपना ट्वीट सही करें।” एक नेटिजन ने ट्वीट किया, “आप बिल्कुल गलत हैं मैडम, बिहू असम से ही संबंधित है, हमने आज ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया है, क्योंकि एक ही स्थान पर अधिकतम संख्या में समूह नृत्य कलाकार हैं।”
वहीं, बैकलैश का सामना करने के बाद, हेमा मालिनीने माफी जारी की। उन्होंने शुक्रवार को लिखा, गलती से मैंने बिहू डाल दिया है, यह बिहार में मनाया जाने वाला त्योहार है। मुझे खेद है! इसे असम का त्योहार बिहू पढ़ना चाहिए।
बता दें कि बोहाग बिहू फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है और यह बीज बोने का समय है। इसे असमिया नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। रोंगाली बिहू के अलग-अलग दिन मवेशियों, घरेलू देवताओं, हथकरघा, खेती के उपकरण, आदि को समर्पित होते हैं। बिहू गीत के रूप में जाने जाने वाले लोक गीतों की धुनों पर नृत्य करना, दावत देना और उपहारों का आदान-प्रदान करना उत्सव की अन्य परंपराएँ हैं