Temple Tikamgarh: पहाड़ियों के बीच स्थित 100 साल पुराना चमत्कारिक मंदिर, जहां मन्नत पूरी होने पर चढ़ते हैं जवारे
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना ‘बगाज माता मंदिर’ बुंदेलखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार है। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर बकपुरा गांव में हरी-भरी पहाड़ियों और शांत वातावरण के बीच स्थित इस मंदिर को विद्या की देवी मां सरस्वती का स्थान भी माना जाता है। नवरात्रि के विशेष अवसरों पर यहां दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं और नवमी के दिन विधि-विधान से जवारे चढ़ाते हैं। इस मंदिर का प्रबंध प्रशासन के सहयोग से संचालित होता है।
🐍 जहरीले जीव-जंतुओं के जहर से मुक्ति का रहस्य: पंडित रामसहाय ने बताई मड़िया से विशाल मंदिर बनने की अनूठी कहानी
बकपुरा निवासी पंडित रामसहाय तिवारी के अनुसार, यह सैकड़ों साल पुराना मंदिर बुंदेलखंड की गहरी आस्था का केंद्र है। लोक मान्यता है कि सांप या अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के काटने पर पीड़ित व्यक्ति जब माता के दरबार में हाजिरी लगाता है, तो माता की कृपा से जहर का प्रभाव उतर जाता है। पहले यहां एक छोटी सी मड़िया हुआ करती थी, लेकिन बाद में भक्तों की बढ़ती श्रद्धा और चमत्कारिक अनुभवों के चलते इसका भव्य निर्माण किया गया। हालांकि, इस आस्था के बीच चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. रोहित कलौचिया सलाह देते हैं कि लोगों की अपनी अटूट आस्था है, लेकिन किसी भी जहरीले जीव के काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर चिकित्सीय उपचार जरूर करवाना चाहिए।