इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा शहर में जलसंकट की रोकथाम और आगामी प्रबंधन को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल बैठक में उम्मीद के विपरीत केवल तीन विधायक ही उपस्थित हुए। बैठक के बाद जब मीडिया ने मंत्री विजयवर्गीय से विधायकों की इस गैरमौजूदगी और दूरी की वजह पूछी, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग बैठक में नहीं आए हैं, संभवतः उनके क्षेत्र में जलसंकट नहीं होगा। मंत्री का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
🏛️ महापौर और चुनिंदा विधायक हुए शामिल, भाजपा की आंतरिक गुटबाजी एक बार फिर आई सामने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अलावा केवल विधायक रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया और मधु वर्मा ही शामिल हो पाए। अन्य जनप्रतिनिधियों और विधायकों की इस बैठक से बनाई गई दूरी ने एक बार फिर पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और आपसी खींचतान को जगजाहिर कर दिया है। जनप्रतिनिधियों के इस तरह नदारद रहने से प्रशासनिक कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस को भी इस मुद्दे पर सत्ताधारी दल को घेरने का पूरा मौका मिल गया है।