इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में फरार स्थायी वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कनाड़िया थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने लूट और एनडीपीएस (NDPS) जैसे गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है, जहाँ से उसे नियमानुसार आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया है।
🎯 मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने दी दबिश, राजीव नगर से दबोचा गया आरोपी
इंदौर पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन तथा डीसीपी जोन-02 अमन सिंह राठौर, एसीपी खजराना आशीष पटेल के पर्यवेक्षण में थाना कनाड़िया पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ कर रही है। दिनांक 14 अक्टूबर 2026 की रात्रि को कनाड़िया पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा स्थायी वारंटी सरफराज उर्फ गोलू (पिता सलीम खान, उम्र 35 वर्ष, निवासी 334 राजीव नगर, बड़ला, खजराना, इंदौर) अपने घर आया हुआ है। सूचना पुख्ता होने पर थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. सहर्ष यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और आरोपी को दबोच लिया।
⚖️ दो अलग-अलग लूट के मामलों में था स्थायी वारंट, पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पुलिस पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी थाना कनाड़िया के अपराध क्रमांक 236/2014 (धारा 392, 397 भादवि) तथा अपराध क्रमांक 230/2014 (धारा 392 भादवि) के तहत न्यायालयीन प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहा था और इसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी था। इस सफल और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी डॉ. सहर्ष यादव के साथ प्रधान आरक्षक किशोर सावलिया, आरक्षक आनंद जाट, विजय यादव, ओमप्रकाश नरवरिया और सुमित जाट शामिल रहे, जिनकी सूझबूझ से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।