SIR Update: मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी की खंडपीठ का फैसला, तीन सप्ताह के लिए टाली गई मामले की सुनवाई
महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने पर रोक लगाने की मांग को बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठुकरा दिया है। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अदालत न्यायिक मर्यादा का पूरी तरह पालन करेगी और इस मामले में अभी कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
📜 सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला: निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने दी दलील
मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने अदालत को जानकारी दी कि देश के कई अन्य उच्च न्यायालय भी SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट्स को अपने राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर सुनवाई करने से रोका था और याचिकाकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा था।
📅 तीन सप्ताह के लिए टली सुनवाई: अब 8 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय में होगी मुख्य मामले पर सुनवाई
याचिकाकर्ता की ओर से यह गुहार लगाई गई थी कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक महाराष्ट्र में किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से न हटाया जाए। हालांकि, खंडपीठ ने ऐसा कोई भी आदेश पारित करने से साफ मना कर दिया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि SIR से जुड़ा यह अहम मामला आगामी 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, जिसके मद्देनजर बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को तीन सप्ताह के लिए टाल दिया है।