Mumbai Bribery Scam: वडाला निर्माण परियोजना एनओसी के लिए मांगी थी 1 करोड़ की घूस, सीबीआई ने मारे छापे
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के एक कार्यकारी अभियंता, उसके रिश्तेदार और मुंबई के एक प्रमुख रियल एस्टेट ग्रुप के तीन अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों को दबोच लिया है। यह पूरा मामला वडाला में एक निर्माण परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने के एवज में एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगने से जुड़ा है, जो बाद में बातचीत के बाद 70 लाख रुपये में तय हुआ था।
🪤 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते बिछाया गया जाल: नवी मुंबई और पुणे में ताबड़तोड़ छापेमारी, नकद राशि बरामद
CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, CPWD के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने वडाला स्थित जमीन पर निर्माण के लिए एनओसी देने के लिए घूस मांगी थी, जिसे उसके रिश्तेदार सौरव कुमार के माध्यम से लिया जाना था। सीबीआई ने 1 अक्टूबर को जाल बिछाकर सौरव कुमार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया, जो उसने बाया ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट अरविंद सेमवाल से ली थी। इसके साथ ही मुख्य आरोपी अभियंता विक्रांत वर्मा को नवी मुंबई के वाशी से, जबकि कंपनी के मैनेजर चेतन महाजन और फर्म पार्टनर अनिल देशमुख को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान कुल 53.87 लाख रुपये नकद और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
⚖️ बिना डिस्पैच एंट्री के जारी किया गया था NOC: कोर्ट में पेश किए गए आरोपी, आगे की जांच जारी
जांच में खुलासा हुआ कि 50 लाख रुपये की पहली किस्त मिलने के बाद एनओसी तो जारी कर दी गई थी, लेकिन इसकी एंट्री किसी भी आधिकारिक डिस्पैच रजिस्टर में नहीं की गई थी। शेष 20 लाख रुपये का भुगतान एक सप्ताह बाद होना था। एजेंसी ने सभी पांचों आरोपियों को शुक्रवार को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया। सीबीआई इस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों का भी खुलासा किया जा सके।