मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुलिस की जाँच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण की लोकेशन उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में ट्रेस हुई है। लोकेशन मिलते ही भोपाल पुलिस की कई विशेष टीमें हरकत में आ गई हैं और आगरा-वृंदावन हाईवे समेत सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
🚌 पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा आरोपी: लोकल ट्रांसपोर्ट का कर रहा है इस्तेमाल
पुलिस जाँच में यह बात सामने आई है कि शातिर आरोपी वरुण गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि वह पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए आधुनिक वाहनों के बजाय बस, ऑटो और अन्य स्थानीय परिवहन साधनों (लोकल ट्रांसपोर्ट) का उपयोग कर रहा है, जिससे उसकी सटीक और लाइव लोकेशन ट्रैक करने में पुलिस को कठिनाई आ रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान उसकी गतिविधियाँ आगरा और वृंदावन क्षेत्र में पाई गई हैं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से संभावित रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
💰 हत्या के बाद घर में छोड़े थे अहम सुराग: गैस सिलेंडर खोलकर साक्ष्य मिटाने की थी साजिश, ACP ने दी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण ने घर के साक्ष्य मिटाने की भी पूरी कोशिश की थी। उसने घर में रसोई गैस के सिलेंडर खुले छोड़ दिए थे ताकि आग या कोई बड़ा विस्फोट हो सके। इसके अलावा, आरोपी घर से नकदी, कीमती गहने और मोबाइल फोन भी समेटकर फरार हो गया था। एसीपी अंकिता खरतकार ने बताया कि इस मामले में करीब एक दर्जन पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं और अन्य राज्यों की पुलिस से भी पूरा तालमेल बिठाया जा रहा है। पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या के पीछे की असली वजह और पूरी साजिश का पर्दाफाश करना है।