मध्य प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘डिजिटल सत्याग्रह’ को आड़े हाथों लिया है। मंत्री राकेश सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी को सबसे पहले सत्याग्रह का असल मतलब पता होना चाहिए। महात्मा गांधी (बापू) का सत्याग्रह सत्य की राह पर चलते हुए स्वयं कष्ट सहने के लिए किया गया एक महान आंदोलन था, जबकि आपका यह डिजिटल सत्याग्रह महज ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसा है।
💻 ‘सबमिट’ बटन दबाने से नहीं होते आंदोलन: डेटा की गोपनीयता पर उठाए गंभीर सवाल
राकेश सिंह ने आगे कहा कि सत्याग्रह ‘क्लिक’ करने से नहीं बल्कि ‘त्याग’ और संघर्ष से चलता है। केवल ‘सबमिट’ बटन दबा देने से कोई आंदोलन नहीं बन जाता, इसके लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि कांग्रेस नेता जनता के बीच जाकर सीधे संघर्ष करने के बजाय लोगों से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कह रहे हैं। इसका मतलब है कि पहले जनता अपनी समस्या ऑनलाइन बताएगी और फिर कांग्रेस तय करेगी कि उस पर जमीन पर उतरना है या नहीं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जनता द्वारा दिए जा रहे इस डेटा की गोपनीयता की क्या गारंटी है?
🎯 सत्ता पाने का जरिया है डिजिटल सत्याग्रह: महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान
अपने बयान के अंत में मंत्री राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह डिजिटल सत्याग्रह महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है। उन्होंने कहा कि बापू का सत्याग्रह देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए था, जबकि राहुल गांधी का यह डिजिटल सत्याग्रह देश की सेवा के लिए नहीं बल्कि केवल सत्ता हासिल करने का एक राजनीतिक जरिया मात्र है।