Vijaypur Hospital Crisis: श्योपुर के अस्पताल में बिजली गुल होने से अंधेरा, मरीजों की परेशानी देख भड़के बीजेपी नेता
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों की पोल उस वक्त खुल गई जब विजयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल तस्वीरें सामने आईं। एक ओर सरकार अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे करती है, वहीं विजयपुर के इस अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल है। हालात यह हैं कि पूरे अस्पताल का संचालन केवल एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है, जबकि अस्पताल की जर्जर छत और अन्य अव्यवस्थाओं के कारण वहां सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।
⚡ बिजली गुल होने से अस्पताल में छाया अंधेरा, वैकल्पिक जनरेटर भी निकला खराब
बुधवार रात को अस्पताल की व्यवस्थाओं की असलियत तब सामने आई जब अचानक बिजली गुल होने के कारण पूरा स्वास्थ्य केंद्र अंधेरे में डूब गया। मरीजों को राहत देने के लिए रखा गया वैकल्पिक जनरेटर भी खराब होने के कारण काम नहीं कर रहा था। गर्मी और अंधेरे से बेहाल मरीजों की परेशानी को देखकर मौके पर पहुंचे भाजपा मंडल अध्यक्ष शिवम मुद्गल भी हैरान रह गए। उन्होंने इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
⚖️ जिम्मेदार अधिकारियों की गैर-मौजूदगी और प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल
हैरानी की बात यह है कि श्योपुर जिला प्रभारी मंत्री और स्थानीय सांसद के लगातार दौरों के बावजूद स्वास्थ्य केंद्रों की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार राकेश शर्मा ने भी स्वीकार किया कि अस्पताल में जनरेटर सही ढंग से काम नहीं कर रहा है और बीएमओ भी बाहर हैं। वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर स्वप्निल ने कहा कि वे अपना काम कर रही हैं, लेकिन अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं की जानकारी प्रबंधक ही दे सकते हैं।