MP News : उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, 22 सूत्रीय मांगें माने जाने के बाद समाप्त हुआ धरना

मध्य प्रदेश के ऊर्जांचल कहे जाने वाले सिंगरौली जिले में मोरवा शहर के विस्थापितों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा है। उचित मुआवजे, रोजगार और अन्य बुनियादी मांगों को लेकर नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के मुख्यालय पर बुधवार से ‘सिंगरौली संयुक्त पुनर्स्थापन संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे विस्थापितों और स्थानीय नागरिकों ने एनसीएल मुख्यालय पहुंचकर मुख्य द्वारों पर ताला जड़ दिया, जिसके चलते अंदर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी रात के 9 बजे तक कार्यालय के भीतर ही रहने को विवश हो गए। प्रदर्शनकारियों ने विस्थापन से जुड़ी कुल 45 सूत्रीय मांगें प्रबंधन के सामने रखी हैं।

⚖️ विस्थापन नीति से खिलवाड़ का आरोप, दोपहर से देर रात तक चला प्रदर्शन—22 मांगें माने जाने के बाद हुआ समाप्त

मोरवा के विस्थापित लोग आर एंड आर (R&R – पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन) नीति के तहत न्यायसंगत विस्थापन और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। सभा करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद एनसीएल मुख्यालय के सभी गेटों को पूरी तरह बंद कर दिया। देर रात तक विस्थापन नीति के विरोध में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि, विस्थापितों द्वारा रखी गई 45 सूत्रीय मांगों में से जब प्रबंधन ने 22 प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी, तब जाकर यह विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ और स्थिति सामान्य हो सकी।

🏗️ खदान विस्तार के लिए उजाड़ा जा रहा है पूरा मोरवा शहर, लगभग 22 हजार मकान और 50 हजार लोग हो रहे हैं प्रभावित

एनसीएल द्वारा अपनी कोयला खदानों के विस्तार के लिए हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि अधिग्रहित करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। विस्थापितों का मुख्य आरोप है कि एनसीएल अपनी पुरानी नीतियों और वादों से मुकर रही है, और विस्थापन नीति के तहत जो लाभ मिलने चाहिए थे, वे धरातल पर नहीं दिए जा रहे हैं। संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधि राजेश सिंह ने दो टूक कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर जिन परिवारों की पुश्तैनी जमीन और आजीविका छीनी जा रही है, उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शेष मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि इस विस्थापन के दायरे में पूरा मोरवा शहर आ रहा है, जहां लगभग 22 हजार मकानों को गिराया जाना है और करीब 50 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

Ratlam Police Action: सरकारी जमीन पर कपास के बीच उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 724 किलो वजनी पौधे जब्त     |     Vijaypur Hospital Crisis: श्योपुर के अस्पताल में बिजली गुल होने से अंधेरा, मरीजों की परेशानी देख भड़के बीजेपी नेता     |     BJP Organization Strategy MP: बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की तैयारी, कार्यकर्ताओं के घर पहुंचे नेता     |     MP News : भू-जोखिम आकलन और जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई     |     Political News: श्योपुर विधायक बाबू जंडेल के पुराने विवादित बयानों की लंबी फेहरिस्त, रामलखन नापाखेड़ली ने साधा निशाना     |     MP News : उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, 22 सूत्रीय मांगें माने जाने के बाद समाप्त हुआ धरना     |     Nasha Mukt : सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा निर्देश, प्रदेश में हर महीने होगी जिला स्तर पर समीक्षा, हॉट स्पॉट पर रहेगी पैनी नजर     |     Mona Lisa : जन्मतिथि विवाद और अपहरण के मामले में हाईकोर्ट का अहम निर्देश, नए सिरे से तय होगी सही उम्र     |     Kanker News Today: छत्तीसगढ़ संस्कृति से प्रभावित हुए कलेक्टर, अनुपस्थित अधिकारियों को थमाया नोटिस     |     MP Tourism Board: मध्य प्रदेश में फिल्म टूरिज्म और इनवेस्टमेंट की अपार संभावनाएं, देश के शीर्ष स्टूडियोज के साथ हुई अहम बैठकें     |