Owaisi vs Sanwar Patel: शाही मस्जिद तोड़े जाने के मामले में ओवैसी के बयान पर एमपी वक्फ बोर्ड का पलटवार
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने और उससे जुड़े विवाद में अब राजनीतिक दलों की एंट्री भी जोरों पर हो चुकी है। इस संवेदनशील मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए तीखे बयान पर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने बेहद कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया है। सनवर पटेल ने ओवैसी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “ओवैसी साहब, आप जनता को गुमराह करने और भड़काने का काम बिल्कुल मत कीजिए, क्योंकि यहां कोई भी शाही मस्जिद नहीं हटाई जा रही है।” इसके साथ ही उन्होंने ओवैसी से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि इस पूरे स्थानीय प्रशासनिक मामले में आखिर वक्फ कानून या वक्फ संशोधन बिल बीच में कहां से आ गया? देश के कानून में हर नागरिक को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने और अदालत जाने की पूरी स्वतंत्रता है।
🗣️ उज्जैन मस्जिद मामले पर क्या बोले थे AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी?
इससे पहले एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उज्जैन की शाही मस्जिद को तोड़े जाने के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को लेकर बयान देते हुए कहा था, “मैं देश की उस जनता को सलाम करता हूं जो पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है।” ओवैसी ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा था कि आप इस तरह से एकतरफा तरीके से मस्जिदों को शहीद नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा, “मैंने संसद के पटल पर भी इसी बात का पुरजोर इजहार किया था कि नए वक्फ अमेंडमेंट कानून के जरिए जिला कलेक्टरों को असीमित शक्तियां दी जा रही हैं, ताकि सुनियोजित तरीके से मस्जिदों, ईदगाहों और कब्रिस्तानों को मुसलमानों से छीना जा सके। आज यह बात पूरी तरह सच साबित हो रही है। इस नए संशोधन का मुख्य मकसद ही यही था, वक्फ संपत्तियों को बचाना इसका उद्देश्य कतई नहीं था।”
🤝 ‘मस्जिद कमेटी और समाज खुद आगे आकर हटा रहा है हिस्सा’, सनवर पटेल ने दी सफाई
असदुद्दीन ओवैसी के इस तीखे बयान पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “यह बात पूरी तरह से साफ है कि उज्जैन की शाही मस्जिद को न तो तोड़ा (शहीद किया) जा रहा है और न ही उसे कहीं विस्थापित किया जा रहा है।” उन्होंने समझाया कि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में मस्जिद का जो मामूली हिस्सा आ रहा है, उसे किसी प्रशासनिक दबाव के बिना खुद स्थानीय समाज और संबंधित मस्जिद कमेटी द्वारा स्वेच्छा से हटाया जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरी सामान्य और आपसी सहमति की घटना को जबरन नए वक्फ बिल से जोड़कर बयानबाजी की है। सनवर पटेल ने दो टूक कहा कि ओवैसी साहब, सच यह है कि शाही मस्जिद अपनी जगह सुरक्षित है, इसलिए जनता को भड़काने की राजनीति बंद की जानी चाहिए।
🛑 ओवैसी को भ्रम न फैलाने की सलाह: कोर्ट के जरिए हुआ है आपसी फैसला
सनवर पटेल ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि “इस पूरे मामले में मस्जिद से जुड़ी हुई स्थानीय कमेटी और पंच मोचीयान समाज के लोग न्याय के लिए माननीय न्यायालय तक गए थे। अंत में शहर के विकास और पूरे समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मस्जिद के कुछ हिस्से, जिसमें कुछ दुकानें और मीनार का अंश शामिल है, उसे हटाने का निर्णय समाज के लोगों ने प्रशासन के साथ आमने-सामने बैठकर आपसी रजामंदी से तय किया है।” वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा कि वे इस पर किसी भी तरह का भ्रम न फैलाएं और अनावश्यक रूप से वक्फ कानून या बिल को बीच में लाकर माहौल खराब न करें।