आज रात को देव और दानवों का होगा वाक्युद्ध – लगातार 271 वर्ष से चली आ रही परंपरा का आज होगा निर्वहन, ऐतिहासिक कंस वधोत्सव का होगा आयोजन

शाजापुर। नगर में कंस वधोत्सव की अनूठी परंपरा इस बार फिर पूरी उत्साह के साथ निभाई जाएगी। कंस चौराहा स्थित दरबार में बैठाए गए कंस के पुतले का वध सोमवार को रात 12 बजे श्रीकृष्ण बने कलाकार द्वारा किया जाएगा। मथुरा में कंस के वधोत्सव की परंपरा का निर्वहन प्राचीन समय से किया जाता रहा है। वहीं मथुरा के बाद शाजापुर में करीब 271 वर्ष से यह आयोजन हो रहा है। नगर देव और दानवों के बीच वाक्युद्ध होगा। कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए समिति द्वारा तैयारियों को पूरा किया गया है।
कंस वधोत्सव के आयोजन में कलाकार देव और दानवों के भेष में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे। कंस वधोत्सव समिति संयोजक तुलसीराम भावसार ने बताया कि आयोजन की शुरुआत रात 8.30 बजे बालवीर हनुमान मंदिर से चल समारोह के रूप में होगी। जो कंस चौराहा, मगरिया, बस स्टैंड, गवली मोहल्ला से होते हुए आजाद चौक पहुंचेगा यहां देवता और दानवों के बीच वाक्युद्ध होगा। इसमें दोनों ही वर्तमान परिप्रेक्ष्य को लेकर अपने-अपने मजेदार संवाद से लोगों का मनोरंजन करेंगे। इसके बाद चल समारोह सोमवारिया बाजार पहुंचेगा और यहां भी देवता और दानव आपस में वाक्युद्ध करेंगे। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण बने कलाकारों द्वारा कंस का वध किया जाएगा और गवली समाज के युवाओं द्वारा कंस के पुतले को घसीटते हुए अपने साथ ले जाएंगे। संयोजक भावसार ने बताया कि कंस दशमी पर होने वाले आयोजन में दानवों की टोली में विलेश व्यास, शांतिलाल जैन, दिनेश मालवीय, अभय देवतवाल, विशाल देवतवाल, सुनील बाबा, सतीश शर्मा, नवीन वशिष्ठ, अशोक मालवीय होंगे। ये देवताओं से संवाद करेंगे। जिनका जवाब देने के लिए देवताओं की टोली में राजकुमार पांडे, ऋषभ भट्ट, ऋषिकेश भट्ट, कुश सोनी सहित अन्य कलाकार होंगे। समिति संयोजक भावसार सहित समिति के अजय उदासी, संजय शर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष पं. संतोष जोशी, नपा जल कार्य समिति सभापति प्रेम यादव, दिग्दर्शन सोनी, सर्व हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष पं. आशीष नागर, पूर्व नपाध्यक्ष प्रदीप चंद्रवंशी, रामचंद्र भावसार (मुन्ना), सत्या वात्रे, अजय चंदेल, सतीश राठौर, धर्मेंद्र प्रजापत, सुनील पेंटर, अजय वर्मा, यशवंत भावसार, रवि राजानी, पंकज सोलंकी, सोनू भावसार, रिंकू तिवारी, जयंत परमार, बंटी भावसार आदि का विशेष सहयोग रहा।
आजाद चौक में भी मंच से होंगे संवाद
अभी तक आजाद चौक में देव और दानवों के बीच संवाद में दोनों ही अपने-अपने रथ पर सवार रहते थे, लेकिन इस बार दानवों के लिए मंच तैयार किया गया हैं। इस मंच से ही सभी दानव बने कलाकार अपने-अपने संवाद प्रस्तुत करेंगे। समिति सदस्यों ने बताया कि दानव बने कलाकारों की संख्या ज्यादा होने के कारण आजाद चौक में व्यवस्था बनाना परेशानी भरा रहता हैं। इस स्थिति में समिति द्वारा दानवों के संवाद मंच से कराने का निर्णय लिया गया हैं। आयोजन में विशेष सहयोगी के रूप में श्रीकृष्ण व्यायामशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष वीरेंद्र व्यास, शांतिवन समिति के अध्यक्ष रूपकिशोर नवाब एवं पूर्व विधायक पुरुषोत्तम चंद्रवंशी उपस्थित रहेंगे।
गवली समाजजनों का किया जाएगा सम्मान
समिति संयोजक भावसार ने बताया कि सोमवारिया बाजार स्थित कंस चौराहा पर सोमवार रात 11.45 बजे गवली समाजजनों के पहुंचने पर समाज के वरिष्ठों का साफा बांधकर और पुष्पमाला से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर में चल समारोह में देवता बनने वाले कलाकार लोगों का अभिवादन करेंगे। वहीं दानवों का रूप धरे कलाकार राक्षसी अट्टहास से सभी को डराएंगे।

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