शाजापुर. मक्सी थाना क्षेत्र के नैनावद में गोल्ड लोन के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले मामले में मंगलवार को करणी सेना परिवार ने बैंक के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं व गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने बैंक के बाहर दो घंटे से ज्यादा समय तक धरना दिया। इस दौरान बैंक बंद रही और स्टाफ अंदर मौजूद रहा।
करणी सेना की मांग थी धोखाधड़ी करने वाले बैंक अधिकारी, कर्मचारी और वैल्यूअर के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करे व शिकार लोगों को क्लीन चिट दे। धरना प्रदर्शन की जानकारी लगने पर शाजापुर एसडीओपी दीपा डोडवे, मक्सी थाना प्रभारी गोपालसिंह चौहान मौजूद थे।

डोडवे ने धरना दे रहे लोगों को समझाइश दी और कहा मामले की जांच ईओडब्ल्यू उज्जैन कर रहा है। जांच पश्चात ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। करणी सेना परिवार के प्रदेश सचिव अजीतसिंह डोडिया ने बताया बैंक ऑफ इंडिया शाखा नैनावद के स्टाफ ने मिलकर 40-50 किसानों के साथ गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी की हैं। नकली सोना रखकर इनके नाम से लोन लिया गया। मामले में मक्सी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा लोन के सभी उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर राशि जमा कराने को कहा, जिसके चलते सेना परिवार और धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने धरना प्रदर्शन किया।
इसके बाद करणी सेना परिवार द्वारा एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बैंक स्टाफ के खिलाफ नामजद शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
इस तरह की थी धोखाधड़ी-लोन देने के मामले में बैंक प्रबंधन व वैल्यूअर की भूमिका सामने आई थी। बैंक प्रबंधन और वैल्यूअर ने ग्राहकों से हस्ताक्षर करा लिए। उनसे एक वाउचर ले लिया गया। ऐसे 40 से ज्यादा ग्राहकों के नाम से नकली सोना रखकर 4 करोड़ से ज्यादा की रकम निकाल ली गई।
गोल्ड लोन खत्म नहीं हुआ और बहाने बनाए जाने लगे तो ग्राहकों ने जिम्मेदार अधिकारियों, कलेक्टर, एसपी और पुलिस को शिकायत की थी। शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बैंक का एक कर्मचारी और वैल्यूअर गायब हो गए।