इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘आदिपुरुष’ शुक्रवार (16 जून) को आखिरकार सिनेमाघरों पर रिलीज हो गई। फिल्म के रिलीज से पहले बताया जा रहा था कि मूवी की एडवांस बुकिंग जबरदस्त रही लेकिन लोग पछता रहे हैं कि आखिर हमने टिकट खरीदा क्यों। भूषण कुमार निर्मित और ओम राउत निर्देशित आदिपुरुष में बाहुबली प्रभास भगवान राम के अवतार में अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाए। फिल्म देख कई लोगों ने तो अपना सिर पकड़ लिया।
सोशल मीडिया पर ‘आदिपुरुष’ को लेकर लोग अपना रिव्यू दे रहे हैं। ‘आदिपुरुष’ देखकर लोगों को रामानंद सागर की रामायण की याद आ गई। यूजर्स ने कहा कि रामायण रामानंद सागर की वर्षों की कड़ी तपस्या थी और उस आयाम को कोई नहीं छू सकता। यूजर ने ‘आदिपुरुष’ को लेकर मजेदार मीम्स भी शेयर किए हैं। कहानी कई जगह ऐसी लगती है, मानो फेसबुक या व्हाट्सएप के फॉरवर्ड मेसेज देख कर स्क्रिप्ट का ताना बाना बुना गया है। कुछ डायलॉग तो पूरी तरह व्हाट्सएप की भाषा के तर्ज पर लिखे गए हैं। ‘तेरे बाप की जली’, ‘बुआ का बगीचा नहीं है’ ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म अपनी मर्यादा से हटकर गली-कूचे में बोली जाने वाली भाषा में समिटी हुई नजर आई।

लंका को देखकर डरे लोग
रामायण की लंका की बात करें तो उसमें एक भव्यता, ऐश्वर्य दिखाया गया था लेकिन में ‘आदिपुरुष’ लंका को देखकर डर लगता है। वहीं आदिपुरुष का रावण आज के दौर का विलेन सा लगता है। फिल्म के गाने , राम सिया राम और जय श्री राम ने ही लोगों का दिल जीता बाकि के बोल लोगों को थोड़े से खटके।

प्रभाव नहीं दिखा पाए प्रभास
फिल्म में साउथ के सुपरस्टार प्रभास ‘राम भगवान’ का किरदार निभा रहे हैं और कृति सेनन ‘मां सीता’ का किरदार निभाती नजर आ रही हैं। इसके अलावा देवदत्त नागे ‘भगवान हनुमान’ के किरदार में नजर आएंगे और सैफ अली खान ‘रावण’ की भूमिका तो वहीं “प्यार का पंचनामा” के एक्टर सनी सिंह ‘लक्ष्मण’ की भूमिका निभा रहे हैं। प्रभास अपना प्रभाव लोगों पर नहीं छोड़ पाए।

कृति सेनन भी माता सीता के उस भाव में खरी नहीं उतर पाई, वो बस स्क्रीन की एक अभिनेत्री के रूप में ही दिखी। सैफ अली खान ने तो रावण की परिभाषा ही बदल दी। वह रावण कम आज की एक्शन मूवी के विलेन ज्यादा लगे। पूरी फिल्म की बात की जाए तो यह उतनी दमदार नहीं है जितने जोर-शोर से इसका प्रचार किया गया था। बता दें कि रामायण पर बेस्ड इस फिल्म को 500 करोड़ के भारी भरकम बजट में बनाया गया है।
