धार्मिक नगरी उज्जैन में अब कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में अमूमन फेंक दिए जाने वाले नारियल के छिलके और पुराने जूते-चप्पल भी अब कचरा प्रबंधन (Waste Management) की नई व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। उज्जैन नगर निगम इन अनुपयोगी सामग्रियों की वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग करने के लिए अलग-अलग विशेष प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है।
🍃 ग्राम डबरी में बनेगा बायोगैस सह MRF प्लांट: कचरे से तैयार होंगे उपयोगी संसाधन
कचरे के स्थाई समाधान के लिए घट्टिया तहसील के ग्राम डबरी में जैविक कचरे (Organic Waste) से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाने और रिसाइक्लिंग योग्य सामग्री को अलग-अलग करने के लिए सीबीजी सह एमआरएफ (Material Recovery Facility) प्लांट प्रस्तावित किया गया है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य कचरे को केवल डंपिंग ग्राउंड में फेंकने या नष्ट करने के बजाय, उससे बायोगैस और अन्य पुनर्चक्रण योग्य (Recyclable) उपयोगी संसाधन तैयार करना है, जिससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार होगा।