देश में चीता पुनर्स्थापना का प्रमुख केंद्र बन चुका श्योपुर का कूनो नेशनल पार्क अब अन्य जंगलों में चीतों को बसाने का बड़ा स्रोत बन गया है। बुधवार सुबह कूनो प्रबंधन ने पार्क के दो चीतों—नर ‘थोलो’ और मादा ‘CCB-3’ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही, सागर) के लिए रवाना कर दिया। कूनो के टिकटोली गेट से इन चीतों को विशेष वाहन में शिफ्ट किया गया, जिसके दौरान सीसीएफ उत्तम शर्मा, डीएफओ और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही।
📊 कूनो में चीतों की संख्या हुई 30 के पार: तीसरी बार हो रही है चीतों की सफल शिफ्टिंग
नामीबिया से 2022 में आए चीतों के बाद कूनो पार्क में लगातार नए शावकों का जन्म हुआ है, जिससे यहां चीतों का आंकड़ा 30 के पार पहुंच चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब इन्हें अन्य अनुकूल हैबिटेट में बसाया जा रहा है। इससे पहले गांधी सागर (मंदसौर-नीमच) के लिए पवन और राधा को भेजा गया था। अब राधा की बहन CCB-3 को नौरादेही भेजा गया है, जहाँ स्टीयरिंग कमेटी ने कुल 4 चीतों को बसाने की मंजूरी दी है।
🌲 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर में करेंगे रिलीज: 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट बोमा में बनाए गए हैं सुरक्षित इंतजाम
बुधवार शाम को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर पहुंचकर इन दोनों चीतों को 439 हेक्टेयर में फैले विशाल ‘सॉफ्ट बोमा’ में रिलीज करेंगे। यह बोमा भोपाल के वन विहार जितना बड़ा है, जिसमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत 5 अलग-अलग हिस्से, पावर फेंसिंग और 24 घंटे सैटेलाइट ट्रैकिंग की आधुनिक व्यवस्था की गई है ताकि चीते नए माहौल में आसानी से ढल सकें।