जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुई एक दहला देने वाली घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. बसोहली के माश्का इलाके में स्थित सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट के अंदर तैनात एक सीआईएसएफ (CISF) हेड कांस्टेबल ने अपनी ही सर्विस AK-47 राइफल से साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. इस भयानक गोलीबारी की घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे सहित चार सीआईएसएफ जवानों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है.
👶 बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाने को लेकर हुआ था विवाद, कंपनी कमांडर से हुई थी शिकायत
पुलिस और शुरुआती जांच के अनुसार, यह खूनी संघर्ष मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे शुरू हुआ. आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह और उसकी पत्नी दोनों ही सीआईएसएफ में तैनात हैं और एक ही प्रोजेक्ट साइट पर अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते थे. ड्यूटी बदलने के दौरान उन्हें अपने बच्चे को बार-बार प्रोजेक्ट साइट पर लाना पड़ता था ताकि दूसरे पार्टनर को सौंपा जा सके. इसी बात को लेकर अधिकारियों और साथियों ने उन्हें साइट पर बच्चा न लाने की हिदायत दी थी. घटना वाले दिन भी इसी बात पर विवाद हुआ और किसी ने इसकी शिकायत कंपनी कमांडर (असिस्टेंट कमांडेंट) से कर दी, जिससे गुस्साए आरोपी ने खौफनाक कदम उठा लिया.
⚰️ शहीद होने वाले जवानों में एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल भी शामिल
इस गोलीबारी में जान गंवाने वालों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे के अलावा सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल संजीव कुमार और कांस्टेबल मोहम्मद रफीक शामिल हैं. हालांकि, पुलिस और सीआईएसएफ की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर विवाद के सटीक कारणों की पूरी पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीआईएसएफ ने इस मामले में उच्च स्तरीय आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं.
🔒 150 राउंड गोलियों वाली एके-47 से की गई फायरिंग, आरोपी गिरफ्तार और सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना को अंजाम देने वाला आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह साल 2009 बैच का सिपाही है. उसने जिस सरकारी एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग की, उसमें करीब 150 राउंड गोलियां थीं. वारदात के तुरंत बाद कठुआ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया. इस दुखद घटना के बाद पूरे हाइडल पावर प्रोजेक्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की सभी परतें खुलकर सामने आ सकेंगी.