Sagar News Today: भोपाल-लखनऊ कॉरिडोर और सागर-दमोह फोरलेन पर एक्शन! भू-अर्जन में देरी पर कलेक्टर ने अफसरों को दिया निर्देश
सागर। सागर जिले से गुजरने वाले देश के सबसे बड़े नेशनल हाईवे-44 (NH-44) की दयनीय स्थिति, भोपाल-लखनऊ कॉरिडोर के तहत सागर-कानपुर मार्ग के निर्माण हेतु भू-अर्जन में हो रही देरी और सागर-दमोह फोरलेन के सुस्त निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
इस विषय में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्माण एजेंसियों के साथ भू-अर्जन और लंबित विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में एनएचएआई (NHAI), सेतु निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी (MPRDC) और जल संसाधन विभाग सहित तमाम प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
⏳ सागर-कानपुर एक्सप्रेसवे हेतु भू-अर्जन 7 दिनों में पूरा करने का अल्टीमेटम: एनएचएआई अफसरों की कसी नकेल
भोपाल-लखनऊ कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाले सागर-कानपुर 4/6-लेन मार्ग निर्माण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने भू-अर्जन प्रक्रिया में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी जताई।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एनएचएआई के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत देते हुए 7 दिनों की मोहलत दी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सागर-कानपुर एक्सप्रेसवे के अंतर्गत आने वाले सागर-मोहारी मार्ग से संबंधित भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण संबंधी सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को हर हाल में 1 सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए।
🕳️ देश के सबसे बड़े NH-44 की बदहाली पर जवाब तलब: 162 किमी क्षेत्र के गड्ढे भरने के लिए 2 टीमें तैनात
इसके अतिरिक्त, उत्तर से दक्षिण भारत को जोड़ने वाले देश के सबसे बड़े नेशनल हाईवे-44 के सागर जिले की सीमा से गुजरने वाले लगभग 162 किलोमीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों को लेकर कलेक्टर ने NHAI अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
जवाब में अधिकारियों ने अवगत कराया कि एनएच-44 (ललितपुर-सागर-लखनादौन सेक्शन) की मरम्मत और गड्ढों के भराव हेतु 2 विशेष टीमें मैदानी स्तर पर तैनात की गई हैं। कलेक्टर ने बारिश का दौर थमते ही तकनीकी टीम लगाकर पूरी सड़क का गुणवत्तापूर्ण मेंटेनेंस करने के निर्देश दिए हैं।
🚧 सागर-दमोह फोरलेन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश: ‘अगले सप्ताह तक धारा 19 का प्रकाशन हो पूरा’
सागर-जबलपुर फोरलेन परियोजना के अंतर्गत आने वाले सागर-दमोह फोरलेन मार्ग निर्माण की धीमी प्रगति पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एमपीआरडीसी (MPRDC) के अधिकारियों को दैनिक आधार पर समीक्षा करने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सीमांकन (सीमा चिन्ह) का कार्य पूरा होते ही निर्माण में तेजी लाई जाए और परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण से संबंधित ‘धारा 19’ का प्रकाशन अगले सप्ताह तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना में कोई अनावश्यक कानूनी या प्रशासनिक बाधा न आए।
📋 भू-अर्जन में न हो पेंडेंसी, समय-सीमा का रखा जाए ध्यान: एसडीएम को जारी किए स्पष्ट आदेश
समीक्षा बैठक के समापन पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी निर्माण विभागों को सख्त चेतावनी दी कि विकास कार्यों से जुड़े भू-अर्जन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी एसडीएम (राजस्व) को निर्देशित किया कि भू-अर्जन के प्रकरणों में कानूनी समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और अधिसूचनाओं का प्रकाशन निर्धारित समय पर करें। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा के लिए सभी व्यस्त सड़कों का मेंटेनेंस समय पर होना बेहद अनिवार्य है।