MP News : बदरवास में रियांशी ट्रेडिंग के गोदाम पर प्रशासन का छापा; 300 क्विंटल सरकारी चावल के साथ ट्रक सील
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के खाद्यान्न की अवैध कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बदरवास क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे सरकारी राशन के अवैध भंडारण और परिवहन की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर औचक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गोदाम में 300 क्विंटल शासकीय उचित मूल्य का चावल अवैध रूप से रखा हुआ पाया गया, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
🚚 ट्रक में भरकर बाहर भेजने की थी तैयारी: प्रशासनिक टीम ने मौके पर गोदाम को किया सील
यह सरकारी चावल ट्रक में लोड करके अवैध रूप से बाहर परिवहन करने की तैयारी में रखा गया था।
तहसीलदार सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव व जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम को तुरंत सील कर दिया तथा चावल से लदे ट्रक को जब्त कर बदरवास थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
⚖️ गोदाम संचालक पर प्राथमिकी दर्ज: ट्रक चालक समेत दो आरोपी भेजे गए जेल
जांच में शासकीय खाद्यान्न का अवैध भंडारण पाए जाने पर प्रशासन ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सचिन मंगल के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।
इसके साथ ही मौके से पकड़े गए ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।
प्रशासनिक टीम ने इसके बाद स्टेशन रोड स्थित ‘जय गुरुदेव आटा मिल’ पर भी अचानक छापा मारा, जहाँ से लगभग 8 क्विंटल अतिरिक्त शासकीय चावल बरामद किया गया। टीम ने खाद्यान्न को जब्त कर उसके सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और संबंधित लोगों पर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
🛑 राशन कालाबाजारी करने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी: जब्त होंगे इस्तेमाल होने वाले वाहन
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने स्पष्ट किया कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवंटित किया जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि राशन की हेराफेरी, अवैध भंडारण या परिवहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे और इस काम में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।