Bank Strike MP: देश भर के 8 लाख बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, उज्जैन समेत MP में बंद रहीं बैंक शाखाएं

उज्जैन। अपनी लंबित मांगों को लेकर देशभर के 8 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने शुक्रवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। इस दौरान बैंक शाखाओं में दिनभर ताले लटके रहे। शनिवार को भी नियमित अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे, जिसके चलते अपने जरूरी कामकाज के सिलसिले में पहुंचे ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहीं।

⏰ प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार कर्मचारी, सरकार से अधिसूचना की मांग

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के सहसंयोजक एवं इंडियन ओवरसीज बैंक यूनियन (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के महासचिव विपिन सिंह ने बताया, “बैंक कर्मचारी पिछले ढाई साल से सरकार से 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था (5-Day Banking) लागू करने की मांग कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के अधिकांश विभागों में 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू है, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में अब भी 6 दिन काम करना पड़ता है। कर्मचारी 5 दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू होने पर रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को सहर्ष तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।”

⚠️ मांगें न पूरी होने पर 28-30 सितंबर को फिर हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंदी की चेतावनी

विपिन सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार हमारी न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं करती है, तो आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को दोबारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी निर्णय न होने पर 26 अक्टूबर से देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) पर चले जाएंगे। देश की अर्थव्यवस्था में बैंकिंग व्यवस्था मुख्य रीढ़ है, अतः कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिवेश मिलने से उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।”

⚖️ सार्वजनिक क्षेत्र में भेदभाव का आरोप, पीएलआई (PLI) नीति पर भी जताई नाराजगी

हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारी स्वाति ने कहा कि 5-डे बैंकिंग के साथ-साथ परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) वितरण में कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव का भी विरोध किया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के कई अन्य उपक्रमों में 5 दिवसीय कार्य व्यवस्था पहले से लागू है, जबकि अत्यधिक दबाव वाले बैंकिंग सेक्टर में इसे लागू करने में टालमटोल की जा रही है। कर्मचारियों की इन दोनों प्रमुख मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन को अविलंब निर्णय लेना चाहिए।

📢 उज्जैन में 297 शाखाओं का कामकाज ठप, 4000 से अधिक बैंक कर्मियों ने टॉवर चौक पर निकाली रैली

हड़ताल का असर उज्जैन जिले में व्यापक रूप से देखा गया। जिले की 297 बैंक शाखाओं के 4,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी काम बंद कर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। सुबह 11:00 बजे बैंक कर्मी शहर के प्रमुख टॉवर चौक पर एकत्रित हुए और मुख्य मार्गों से होते हुए विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व     |     भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रिपोर्ट     |     ब्रेकअप के बाद एक्स गर्लफ्रेंड की हर हरकत जानने के लिए पुलिस विभाग में डाली 97 आरटीआई, हैरान करने वाला मामला     |     कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या     |     कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा     |     कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा     |     भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या     |     न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता मुकाबला     |     दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम     |     सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलती     |